क्या गाजीपुर सदर में सपा उतारेगी बिंद प्रत्याशी, अखिलेश का 'PDA' कार्ड बदलेगा समीकरण?

विनय कुमार सिंह

• 12:12 PM • 19 Sep 2026

गाजीपुर सदर विधानसभा सीट पर 2027 चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है. मौजूदा सपा विधायक जयकिशन साहू के सामने बीजेपी कई हैवीवेट चेहरों के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है. वहीं बसपा भी नए समीकरणों के साथ सक्रिय है.

Akhilesh Yadav

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पूर्वांचल की सबसे वीआईपी और हैवीवेट मानी जाने वाली गाजीपुर सदर विधानसभा सीट पर 2027 के चुनाव को लेकर सियासी गर्माहट अभी से बढ़ने लगी है. जिला मुख्यालय की इस बहुचर्चित सीट पर फिलहाल समाजवादी पार्टी के जयकिशन साहू का कब्जा है जिन्होंने 2022 में बीजेपी की तत्कालीन राज्य मंत्री डॉ. संगीता बलवंत को महज 1600 वोटों के बेहद करीबी अंतर से हराया था. लगभग 3.30 लाख मतदाताओं (55% से ज्यादा पुरुष और करीब 45% महिला वोटर) वाली इस हाई-प्रोफाइल सीट को वापस छीनने के लिए जहां बीजेपी एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है. वहीं सपा अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले और मौजूदा विधायक को रिपीट करने के बीच रणनीति बनाने में जुटी है.

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जयकिशन साहू पर दांव या नया PDA चेहरा?

2022 में सपा ने वैश्य (बनिया) समुदाय से आने वाले जयकिशन साहू पर दांव खेला था जो नगर पालिका क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ के कारण चुनाव जीतने में सफल रहे थे. हालांकि 2022 में सपा के साथ ओम प्रकाश राजभर की सुभासपा का वोट बैंक भी जुड़ा था. अब बदले समीकरणों में सपा खेमे से कई दावेदार लाइन में हैं.

जयकिशन साहू:  मौजूदा विधायक जयकिशन साहू बनिया समाज से आते हैं और नगर पालिका क्षेत्र में उनकी दावेदारी आज भी सबसे मजबूत मानी जा रही है.

राजेश कुशवाहा: सपा से पूर्व में प्रत्याशी रह चुके हैं और नॉन-यादव ओबीसी चेहरा हैं.

राजेश कुमार पांडे: ब्राह्मण चेहरे के तौर पर टिकट की दौड़ में शामिल हैं.

संजय बिंद (बिंद समाज का चेहरा): हालिया कमलेश बिंद हत्याकांड और गोलीकांड के बाद इलाके में बिंद समाज की नाराजगी को देखते हुए सपा किसी बिंद चेहरे पर भी दांव खेल सकती है. क्षेत्र के प्रधान संजय बिंद भी पुरजोर दावेदारी ठोक रहे हैं.

भारतीय जनता पार्टी में हैवीवेट चेहरों की लंबी कतार

बीजेपी के लिए यह सीट साख का सवाल बन चुकी है. 2017 में संगीता बलवंत ने यहां जीत दर्ज की थी जिन्हें बाद में योगी सरकार में राज्य मंत्री और फिर राज्यसभा सांसद बनाया गया. इस बार बीजेपी से कई दिग्गज टिकट मांग रहे हैं.

अभिनव सिन्हा: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और गाजीपुर के पूर्व सांसद मनोज सिन्हा के बेटे अभिनव सिन्हा का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है.

अवधेश बिंद: राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत के पति अवधेश बिंद भी अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं.

विजय मिश्र: पूर्व धर्मार्थ कार्य राज्य मंत्री विजय मिश्र (ब्राह्मण चेहरा) भी दौड़ में आगे हैं.

राधे मोहन सिंह: सपा के पूर्व सांसद और सीएम योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाने वाले राधे मोहन सिंह का नाम भी चर्चा में है.

अन्य दावेदार: यादव वोटबैंक में सेंध लगाने के लिए हरिंदर यादव और वैश्य समाज से विनोद अग्रवाल (चेयरमैन पति) भी बीजेपी से टिकट का प्रयास कर रहे हैं.

बहुजन समाज पार्टी (BSP): तीसरे कोण से चौंकाने की तैयारी

गाजीपुर में दलित मतदाताओं की अच्छी-खासी संख्या होने के कारण बसपा का भी अपना कैडर वोट बैंक रहा है. हालांकि हालिया संगठनात्मक उथल-पुथल के बीच बसपा भी तीसरे विकल्प के रूप में प्रत्याशी उतारने की फिराक में है.

अजय भारती: बसपा के जिलाध्यक्ष अजय भारती का नाम चर्चा में है.

पारस बिंद: बिंद समाज को साधने के लिए पारस बिंद की दावेदारी भी मानी जा रही है.

क्या होंगे 2027 के निर्णायक सियासी मुद्दे?

गाजीपुर सदर में यादव, बिंद, मल्लाह, वैश्य, ब्राह्मण और दलित मतदाताओं की संख्या निर्णायक भूमिका में है. जहां बीजेपी अपने कैडर वोट, विकास कार्यों और हैवीवेट चेहरे के दम पर वापसी करना चाहती है. वहीं सपा अपने 'पीडीए' सोशल इंजीनियरिंग और स्थानीय समीकरणों के सहारे अपनी सीट बचाने की कोशिश में है.

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