योग्यता के बाद भी नौकरी के लिए भटक रहे ITI अनुदेशक अभ्यर्थी, अखिलेश यादव ने मिलकर क्या बड़ा वादा?
यूपी में ITI अनुदेशकों की 2014-16 से लंबित भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों ने अखिलेश यादव से मुलाकात की. अभ्यर्थियों ने स्थायी भर्ती की मांग उठाते हुए 5 हजार से अधिक खाली पदों और आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर सवाल उठाए.
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Akhilesh yadav meet ITI instructors
उत्तर प्रदेश में ITI अनुदेशकों (टीचरों) की भर्ती प्रक्रिया पिछले कई सालों से लटकी हुई है. 2014, 2015 और 2016 की पुरानी भर्तियों के इंटरव्यू तक अभी तक पूरी तरह संपन्न नहीं हो सके हैं. वहीं 2022 के बाद से कोई स्थायी भर्ती नहीं आई है. प्रदेश भर से आए आईटीआई अनुदेशक अभ्यर्थियों ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं और स्थायी भर्ती की मांग उठाई. अभ्यर्थियों का आरोप है कि 6-7 साल पढ़ाई और 3-3 साल के अनुभव के बावजूद सरकार उन्हें सिर्फ आउटसोर्सिंग का रास्ता दिखा रही है. जबकि सरकारी आईटीआई कॉलेजों में अनुदेशकों के 5000 से अधिक पद खाली पड़े हैं.

