धर्मेंद्र प्रधान ने NEET परीक्षा विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. इसके तुरंत बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल में भी बड़ा बदलाव कर लिया है. इस्तीफा देने के कुछ ही देर बाद उन्होंने अपने आधिकारिक X हैंडल का बायो अपडेट कर दिया. धर्मेंद्र प्रधान ने अपने प्रोफाइल से 'केंद्रीय शिक्षा मंत्री' का टैग पूरी तरह हटा दिया है. अब उनके एक्स बायो पर केवल 'संबलपुर से लोकसभा सांसद' लिखा नजर आ रहा है.
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सोशल मीडिया पर दिखा इस्तीफे का असर
देश भर में लगातार जारी भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा. इसकी जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए दी. इसके तुरंत बाद ही उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स एक्स पर भी अपनी पहचान अपडेट कर ली. अब उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री हटाकर सिर्फ 'संबलपुर से लोकसभा सांसद' लिख दिया है.
बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा की संबलपुर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद हैं. बायो में किए गए इस बदलाव से साफ है कि उन्होंने अपने पद से हटने के फैसले को पूरी तरह लागू कर दिया है.
दो पेज के लेटर में धर्मेंद्र प्रधान ने क्या लिखा
अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि '3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमिताएं सामने आई थीं. इसका संज्ञान लेते हुए भारत सरकार ने तुरंत जांच CBI को सौंपी और परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराई. इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को CBT (Computer-Based Test) मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया गया.
उन्होंने बताया कि 20 लाख से अधिक छात्रों की पुनः परीक्षा 21 जून 2026 को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और 16 जुलाई को परिणाम घोषित हुए. उन्होंने कहा 'पहले ही दिन से मैंने इसकी नैतिक जिम्मेदारी ली और परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा. हमारा संकल्प था कि किसी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब न हो.' उन्होंने आगे लिखा कि 'प्रक्रिया पारदर्शी रहने के बावजूद कई जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने छात्रों को गुमराह करने और बाधा डालने की कोशिश की जिससे उनका मन अत्यंत व्यथित हुआ.'
इस्तीफे की मुख्य वजह बताते हुए उन्होंने पत्र में लिखा 'पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है उसका राष्ट्रविरोधी ताकतें लाभ न उठाएं, देश की एकता बनी रहे और भारत का एक भी विद्यार्थी कानूनी पेचीदगियों में न उलझे,इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है.'
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