शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी ने लिया चार्ज, मीटिंग करने के बाद दिया ये स्टेटमेंट

आशुतोष चौबे

• 01:44 PM • 26 Jul 2026

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया है. पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि वह इस जिम्मेदारी को पूरी विनम्रता और कर्तव्य-बोध के साथ निभाएंगे.

Education Minister Prahlad Joshi

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Prahlad Joshi Education Minister: देश में NEET-UG परीक्षा विवाद और उससे जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया है. पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की. प्रह्लाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि वह इस जिम्मेदारी को पूरी विनम्रता और कर्तव्य-बोध के साथ निभाएंगे. बता दें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उन्हें शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

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प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर क्या लिखा?

केंद्रीय शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने X पर लिखा, 'आज मैंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पदभार संभाला. मुझ पर भरोसा जताने और मुझे यह ज़िम्मेदारी सौंपने के लिए मैं माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी का आभारी हूँ. मैं इसे विनम्रता और कर्तव्य-बोध के साथ स्वीकार करता हूँ.' उनके इस संदेश के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी जा रही हैं.
 

इस्तीफे के बाद हुआ बड़ा बदलाव

इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद केंद्र सरकार ने मंत्रिमंडल में बदलाव करते हुए प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा. प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रह्लाद जोशी अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभालेंगे. ऐसे में अब देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अहम फैसलों की जिम्मेदारी भी उनके पास होगी.

इस्तीफे में धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा था?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा भेजने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि यह उनके लिए 'व्यक्तिगत प्रतिष्ठा' का विषय नहीं है. उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों में हुई घटनाओं से वह काफी परेशान रहे. अपने पत्र में उन्होंने लिखा, 'मैंने पहले ही दिन से नीट पेपर लीक की जिम्मेदारी ली थी.' साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि वह नहीं चाहते कि जंतर-मंतर और देशभर में बनी स्थिति का फायदा कोई राष्ट्रविरोधी ताकत उठाए या विद्यार्थियों का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में उलझे.

20 जून से धरने पर बैठे थे छात्र

NEET-UG 2026 परीक्षा और उससे जुड़े विवाद के बाद देशभर में छात्रों का आंदोलन चर्चा में रहा. जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्र 20 जून से धरने पर बैठे थे और NEET-UG 2026 पेपर लीक तथा CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर जवाबदेही की मांग कर रहे थे. 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई थी, जिसके बाद आंदोलन और तेज हो गया. बाद में सरकार द्वारा कॉकरोच जनता पार्टी की मांगें मान लेने के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया. इसी पूरे घटनाक्रम के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और प्रह्लाद जोशी का शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालना देश की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है.