शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, 2 पेज के लेटर में बताईं ये 5 सबसे बड़ी बातें

आशुतोष चौबे

25 Jul 2026 (अपडेटेड: 25 Jul 2026, 03:02 PM)

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा भेज दिया है. दो पेज के इस्तीफा पत्र में उन्होंने NEET-UG 2026 विवाद, सरकार की कार्रवाई और इस्तीफा देने की वजह बताई है.

Dharmendra Pradhan

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Dharmendra Pradhan Resignation Letter: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा भेज दिया है. इसके साथ ही उनका दो पेज का इस्तीफा पत्र भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने NEET-UG 2026 परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं, सरकार की ओर से उठाए गए कदमों, परीक्षा प्रणाली में बदलाव और इस्तीफा देने के कारण का विस्तार से जिक्र किया है. पत्र में उन्होंने कहा कि उनका फैसला विद्यार्थियों के भविष्य और राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर लिया गया है. आइए जानते हैं उनके पत्र की प्रमुख बातें.

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2 पेज के लेटर की 5 सबसे बड़ी बातें:

1. NEET विवाद की जिम्मेदारी और इस्तीफा

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि NEET-UG परीक्षा में हुई अनियमितताओं के बाद उन्होंने पूरी जिम्मेदारी के साथ स्थिति को संभालने की कोशिश की. उनका कहना है कि पिछले दिनों की घटनाओं को देखते हुए उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को सौंप दिया.

2. परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों का दावा

पत्र में बताया गया है कि परीक्षा में गड़बड़ी सामने आने के बाद सरकार ने तुरंत सीबीआई जांच कराई, परीक्षा रद्द की और दोबारा परीक्षा आयोजित की. साथ ही अगले वर्ष से NEET-UG को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने का फैसला लिया गया ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.

3. छात्रों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता

उन्होंने लिखा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की निष्पक्ष परीक्षा कराना थी. उनका दावा है कि किसी भी मेधावी छात्र के साथ अन्याय न हो और परीक्षा माफिया के कारण किसी का भविष्य प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने सभी स्तरों पर काम किया.

4. युवाओं से आंदोलन छोड़कर पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत की युवाशक्ति ही देश की असली ताकत है. उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे भ्रम या राजनीतिक विवादों में न फंसें, पढ़ाई और अपने करियर पर ध्यान दें तथा देशविरोधी ताकतों को इस मुद्दे का फायदा उठाने का मौका न दें.

5. प्रधानमंत्री और सहयोगियों का आभार

पत्र के अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मंत्रिपरिषद, मंत्रालय के अधिकारियों और सहयोगियों का धन्यवाद दिया. साथ ही कहा कि पद पर रहें या नहीं, वे राष्ट्रसेवा और युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए भविष्य में भी पूरी निष्ठा से काम करते रहेंगे.