पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के शनिवार को दिए गए इस्तीफे के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. शिक्षा मंत्री के पद छोड़ने के तुरंत बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है.
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर तंज कसते हुए और छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा, "ये इस्तीफ़ा नहीं, इंक़लाब है!" उन्होंने इसे युवाओं, छात्रों और लोकतंत्र के संघर्ष की बड़ी जीत करार दिया है.
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा- 'यह मेरी प्रतिष्ठा का सवाल नहीं'
इससे पहले शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में देशभर में हुए उग्र प्रदर्शनों के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह उनके लिए "व्यक्तिगत प्रतिष्ठा" का विषय नहीं है और पिछले 10 दिनों में घटी घटनाओं से वे काफी परेशान हैं. उन्होंने कहा, "मैंने पहले ही दिन से नीट पेपर लीक की जिम्मेदारी ली थी." इसके साथ ही उन्होंने देशद्रोही ताकतों से सचेत रहने की अपील भी की.
CJP बोली- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अपने 36 दिनों से चले आ रहे आंदोलन की पहली जीत बताया है. हालांकि, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि उनका यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी बाकी दो मांगें पूरी नहीं कर देती. इन मांगों में नीट पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना और प्रदर्शनकारी छात्रों पर कोई कानूनी कार्रवाई न किया जाना शामिल है.
जंतर-मंतर पर 20 जून से डटे हैं छात्र
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों और CJP कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया. यहाँ छात्र 20 जून से धरना दे रहे थे और NEET-UG 2026 पेपर लीक व सीबीएसई (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे. बता दें कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई थी, जिसके बाद से यह आंदोलन और अधिक तेज हो गया था.
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