उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है. एआईएमआईएम (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने मुरादाबाद की धरती से समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी दोनों पर एक साथ जोरदार हमला बोला है.
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ओवैसी के तेवरों से साफ झलक रहा था जैसे अब उत्तर प्रदेश का मुस्लिम समाज सिर्फ वोट बैंक बनकर रहने के मूड में बिल्कुल नहीं है. मुरादाबाद की जनसभा में उन्होंने सीधे-सीधे अखिलेश यादव को निशाने पर लिया और साफ संदेश दे दिया कि सियासत में अब बराबरी की बात होगी. इसके साथ ही विपक्ष को गठबंधन का न्योता भी दे डाला.
'अब चादर नहीं बिछाएंगे, बराबरी चाहिए'
जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने तल्ख लहजे में कहा, "अब मुसलमान दरी बिछाने की राजनीति नहीं करेंगे. अगर कुर्सी होगी और अखिलेश यादव बैठेंगे तो ओवैसी भी सामने कुर्सी पर पैर से पैर मिलाकर बैठकर हक और इंसाफ की बात करेगा. अब चादर नहीं बिछाएंगे, बराबरी का हक चाहिए."
उन्होंने आगे कहा कि यूपी के मुसलमानों को अब सिर्फ वोटर नहीं बल्कि अधिकारों वाला नागरिक बनना होगा. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी राजनीतिक लीडरशिप खुद तैयार करें और एकजुट रहें.
जौहर यूनिवर्सिटी पर दिया ये रिएक्शन
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा भी उठाया. ओवैसी ने सवाल किया कि अगर समाजवादी पार्टी के पास यूनिवर्सिटी को नियमित करने का कानूनी रास्ता था, तो जब यूपी में उनकी सरकार थी तब ऐसा क्यों नहीं किया गया? उन्होंने इसे सपा का महज एक चुनावी स्टंट करार दिया.
इसके साथ ही ओवैसी ने ठाकुरद्वारा का जिक्र करते हुए बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग ने 36 मस्जिदों, मदरसों, मजारों और कब्रिस्तानों की सूची तैयार की है. ओवैसी ने सरकार से तीखा सवाल पूछा कि बरसों पुराने इन धार्मिक स्थलों को किस आधार पर अचानक सरकारी जमीन बताया जा रहा है?
विकास के दावों की खोली पोल
भाजपा सरकार को घेरते हुए ओवैसी ने आरोप लगाया कि मुस्लिम समाज को शिक्षा और विकास से दूर रखने की साज़िश हो रही है. उन्होंने कहा कि गरीबों के छोटे कारोबार और रोजगार को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि बड़े कारोबारियों को पूरा संरक्षण मिल रहा है. उन्होंने मुरादाबाद में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, सरकारी मेडिकल कॉलेज और एमआरआई जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अधूरे दावों पर भी जमकर सवाल दागे.
विपक्ष को गठबंधन का न्योता
भाषण के आखिर में ओवैसी ने विपक्षी दलों को एक बड़ा सियासी संदेश भी दिया. उन्होंने साफ किया कि एआईएमआईएम यूपी में भाजपा को दोबारा सत्ता में नहीं देखना चाहती. विपक्ष को गठबंधन का न्योता देते हुए ओवैसी ने कहा,
"मैं हाथ मिलाने को तैयार हूं, अलायंस करने को तैयार हूं. चुनाव के बाद रोने से बेहतर है कि अभी बात कर लो."
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