विधानसभा चुनाव से पहले एक्टिव हुईं मायावती, जानें किस समय करेंगी 100 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान?

आज का यूपी में देखें राज्य की 3 बड़ी खबरें. यूपी की सियासत में ओवैसी की एंट्री, 14 जून को बहराइच की मटेरा विधानसभा में बड़ी रैली; गाजी मियां की दरगाह पर जाकर राजभर समाज से लेंगे टक्कर. उधर समय से पहले चुनाव के कयासों के बीच मायावती ने भी कसी कमर, 22 जून से शुरू होंगी बसपा की रैलियां, 100 सीटों पर प्रत्याशी तय.

Mayawati

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रजत सिंह

• 12:56 PM • 11 Jun 2026

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यूपी Tak के खास शो 'आज का यूपी'में हम राज्य की तीन बड़ी खबरों का विश्लेषण करते हैं. आज के शो की पहली बड़ी खबर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी की उत्तर प्रदेश की राजनीति में होने जा रही धमाकेदार एंट्री को लेकर है जो 14 जून को बहराइच की मटेरा विधानसभा से एक बड़ी रैली के जरिए अपने 'मिशन यूपी' का शंखनाद करने जा रहे हैं. दूसरी बड़ी खबर इसी रैली से जुड़े एक बड़े विवाद को लेकर है जहां ओवैसी बहराइच में गाजी मियां की ऐतिहासिक दरगाह पर जाएंगे जिसे लेकर बीजेपी और सुभासपा के नेता पहले से ही हमलावर हैं जिससे इस इलाके में सियासी तापमान बेहद गर्म हो गया है. वहीं आज की तीसरी बड़ी खबर बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती की चुनावी सक्रियता से जुड़ी है जो समय से पहले चुनाव होने के कयासों के बीच 22 जून से बड़ी रैलियों की शुरुआत करने जा रही हैं और जल्द ही करीब 100 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामों का आधिकारिक ऐलान कर सकती हैं.

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1. 'मिशन उत्तर प्रदेश' पर ओवैसी: बहराइच की मटेरा विधानसभा से 14 जून को फूंकेंगे चुनावी बिगुल

उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के चीफ असदुद्दीन ओवैसी की बड़ी एंट्री होने जा रही है. हालांकि एआईएमआईएम पहले भी यूपी के स्थानीय और विधानसभा चुनाव लड़ती रही है. लेकिन इस बार उनका यह कदम बेहद आक्रामक माना जा रहा है. ओवैसी आगामी 14 जून को बहराइच जिले की मटेरा विधानसभा के शंकरपुर चौराहा पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली इस 'मिशन यूपी' को सफल बनाने के लिए लगातार घर-घर जाकर संपर्क यात्राएं कर रहे हैं. शौकत अली के मुताबिक यह रैली शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक चलेगी. इस रैली में ओवैसी के निशाने पर सीधे तौर पर अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी रहने वाली है. राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है कि जिस तरह एआईएमआईएम ने बिहार के सीमांचल और महाराष्ट्र में विपक्षी वोटों में सेंधमारी की थी, क्या वही इतिहास यूपी में भी दोहराया जाएगा?

2. गाजी मियां की दरगाह पर जाएंगे ओवैसी: राजभर बनाम मुस्लिम पॉलिटिक्स से गर्माएगा माहौल

ओवैसी की बहराइच रैली सिर्फ राजनीतिक भाषणों तक सीमित नहीं रहने वाली है बल्कि वे एक बड़े ऐतिहासिक और धार्मिक विवाद को भी हवा देने जा रहे हैं. बहराइच पहुंचने पर ओवैसी सबसे पहले गाजी मियां (सलार गाजी मसूद) की दरगाह पर हाजिरी लगाने जाएंगे. आपको बता दें कि बीते दिनों राजभर समुदाय से आने वाले बीजेपी सरकार के मंत्री अनिल राजभर और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर गाजी मियां की दरगाह को लेकर तीखे सवाल उठा चुके हैं. राजभर समाज का दावा है कि विदेशी आक्रांता गाजी मसूद को रोकने के लिए उनके पूजनीय राजा सुहेलदेव ने बड़ी लड़ाई लड़ी थी. इसलिए गाजी का महिमामंडन बंद होना चाहिए. ऐसे में ओवैसी का इस दरगाह पर जाना सीधे तौर पर मुस्लिम मतदाताओं को एक बड़ा संदेश देने की कोशिश है. समाजवादी पार्टी जहां सूबे में हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण को रोकने का प्रयास कर रही है. वहीं ओवैसी के इस कदम से बहराइच और आस-पास के इलाकों में सियासी मुकाबला 'हिंदू बनाम मुस्लिम' के एजेंडे पर मुड़ने की पूरी संभावना नजर आ रही है.

3. मायावती का बड़ा दांव: 22 जून से बीकापुर में पहली रैली, 100 सीटों पर घोषित होंगे उम्मीदवार

दूसरी तरफ बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने भी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी कमर कस ली है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चुनाव 2027 के बजाय 2026 के आखिरी महीनों में ही हो सकते हैं जिसे देखते हुए बसपा 22 जून से अपने बड़े रैलियों और कार्यकर्ता सम्मेलनों का आगाज करने जा रही है. बसपा की रणनीति के तहत जिन विधानसभा क्षेत्रों में ये रैलियां होंगी. वहां प्रभारियों की घोषणा की जाएगी (बसपा में जिसे प्रभारी बनाया जाता है, वही घोषित प्रत्याशी होता है). पार्टी करीब 100 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार तय करने जा रही है.

बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल का बयान

'माननीय बहन जी के निर्देश पर बसपा कार्यकर्ता पूरी मजबूती से जुटे हैं. चाहे चुनाव 2026 के लास्ट में हो या 2027 में, हमारी तैयारी बेहद पुख्ता है. 15 जून को झांसी और फिर 22 जून को अयोध्या जनपद के बीकापुर में एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन होने जा रहा है, जहां कई वरिष्ठ नेता पार्टी ज्वाइन करेंगे. इसके अगले दिन 23 जून को अंबेडकर नगर में बड़ा कार्यक्रम होगा, जहां हम प्रभारियों की घोषणा करेंगे. इस बार हम दलों का नहीं, बल्कि 2007 की तर्ज पर 'जनता का गठबंधन' तैयार करके चुनाव जीतेंगे.'

अकेले लड़ेंगी मायावती, ओवैसी और कांग्रेस को नो एंट्री

जब उत्तर प्रदेश में गठबंधनों का दौर चल रहा है तब मायावती ने एक बार फिर एकला चलो की नीति अपनाई है. ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम की तरफ से गठबंधन की कोशिशों और बीते दिनों कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं द्वारा मायावती के दरवाजे पर दस्तक देने की खबरों के बीच प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने साफ कर दिया कि अलायंस का कोई विचार नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बहन जी का सख्त निर्देश है कि बसपा किसी भी दल से गठबंधन नहीं करेगी और अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी.