सत्य बोलने की हिम्मत अभी हमारी नहीं... राम मंदिर दान में कथित चोरी के आरोपों पर बाहुबली नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कही चौंकाने वाली बात

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित चोरी के आरोपों पर भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने बड़ा बयान दिया है. वहीं, भाजपा प्रवक्ता डॉ. रजनीश सिंह ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की है.

Brijbhushan Sharan Singh

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अंचल श्रीवास्तव

• 11:57 AM • 11 Jun 2026

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अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग और चोरी के आरोपों को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल आया हुआ है. अखिलेश यादव, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी को सनातन की पिच पर घेरने में जुटा है. सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक बयानों का बवंडर घूम रहा है. इन सबके बीच अपने बेबाक अंदाज और 'दबदबा' वाले नारे के लिए मशहूर भाजपा के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इस विवाद पर एक ऐसा बयान दे दिया है जिसने नया सियासी बवाल खड़ा कर दिया है.

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बृजभूषण शरण सिंह का चौंकाने वाला बयान

गोंडा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने बृजभूषण शरण सिंह से नीट (NEET) पेपर लीक और राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के आरोपों पर सवाल पूछा तो उन्होंने  कहा कि 'अगर मैं सत्य बोल दूंगा तो बहुत परेशानी में आ जाऊंगा, क्योंकि वो तो बहुत बड़े लोग हैं, तो सत्य बोलने की हिम्मत अभी हमारी नहीं है. कभी समय आएगा तो बोलेंगे.' जब उनसे सोशल मीडिया पर चल रही इन चर्चाओं के बारे में पूछा गया कि क्या राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय हटाए जाएंगे? तो उन्होंने सीधा जवाब देते हुए कहा 'यह हमारा विषय नहीं है.'

हमेशा निडर रहने का दावा करने वाले बृजभूषण शरण सिंह के मुंह से डर और परेशानी की बात सुनते ही यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. लोग तरह-तरह के कमेंट्स कर पूछने लगे हैं कि आखिर दबंग छवि वाले पूर्व सांसद को किससे डर लग रहा है और वह क्या छिपा रहे हैं?

भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी

इस पूरे घपले के आरोपों पर विपक्ष ही नहीं बल्कि खुद भाजपा के भीतर से भी निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है. भाजपा नेता और पार्टी प्रवक्ता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय केंद्रीय जांच कराने की मांग की है. पारदर्शिता की अपील: उन्होंने मांग की है कि सीबीआई, ईडी या किसी अन्य सक्षम केंद्रीय एजेंसी से इसकी जांच करवाकर रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए ताकि मंदिर ट्रस्ट में देश-विदेश के श्रद्धालुओं का भरोसा अटूट बना रहे.

अखिलेश यादव के ट्वीट से शुरू हुआ था विवाद

राम मंदिर चढ़ावे को लेकर चल रहे इस विवाद की शुरुआत समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के एक बयान से हुई थी. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा था कि मंदिर में करोड़ों रुपये का चढ़ावा गायब है. 

संजय सिंह और पवन पांडे का आरोप

इसके बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजय सिंह ने भी दानपात्रों की गिनती और चढ़ावे में बड़ी धांधली का आरोप लगाया. वहीं, सपा नेता पवन पांडे ने दान की गई रकम में करीब 7.5 करोड़ रुपये तक गायब होने की आशंका जता दी. इसी बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाने लगा कि दानपात्र से पैसे चोरी करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार कर कुछ नकदी बरामद की गई है. हालांकि अयोध्या के एसपी (SP) ने इन चोरी और गिरफ्तारी के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. 

चंपत राय और ऑडिट ट्रस्ट ने आरोपों को नकारा

विपक्ष के चौतरफा हमलों और आरोपों के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज किया है.ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बयान जारी कर कहा 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अपने भिन्न-भिन्न कार्यों का ऑडिट समय-समय पर करता रहता है.हुंडी (दानपात्र) काउंटिंग कमरे का ऑडिट भी होता है.' उन्होंने स्पष्ट किया कि हुंडी काउंटिंग कमरे का ऑडिट राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासी गण, कार्यकर्ता और स्टेट बैंक के कर्मचारी मिलकर करते हैं. यह कार्य कई दिनों तक चलता है और आजकल भी यही कार्य हो रहा है. अभी तक कोई भी वित्तीय अनियमितता या उल्लेखनीय बात किसी के भी ध्यान में नहीं आई है.