Anil Rajbhar Statement On Surya Murder Case: गाजियाबाद के चर्चित सूर्या हत्याकांड को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम मंत्री अनिल राजभर का बड़ा बयान सामने आया है. बहराइच में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि मुस्लिम समाज गंभीरता से सोचे. उन्होंने कहा कि 'आप गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे की बात करते हैं, लेकिन ऐसी घटनाओं के बाद आप पर कौन भरोसा करेगा?'. मंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर समाज को गंभीरता से विचार करने की जरूरत है. साथ ही उन्होंने इस मामले में पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि कानून के दायरे में रहकर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं.
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बहराइच कार्यक्रम में दिया बयान
अनिल राजभर रविवार को बहराइच के चितौरा झील स्थित महाराजा सुहेलदेव स्मारक स्थल पर आयोजित ‘हर घर भगवा अभियान, कमल निशान कमल निशान’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे. पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने गाजियाबाद हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस ने मुख्य आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कर अपना काम किया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कहीं भी अपराध होगा तो कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी. मंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों को लेकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश उचित नहीं है.
क्या है सूर्या हत्याकांड का पूरा मामला?
गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र के नवनीत विहार में रहने वाले सूर्या पर 28 मई को हुए एक विवाद के दौरान चाकू से हमला किया गया था. गंभीर रूप से घायल सूर्या को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई. पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी आसद ने अपने पिता नवाब और अन्य साथियों के साथ मिलकर हमले की योजना बनाई थी. वहीं मृतक के परिजनों का आरोप है कि विवाद की वजह ईद-उल-अजहा पर बकरे की कुर्बानी देखने से इनकार करना था. हालांकि पुलिस मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है.
मुख्य आरोपी ढेर, अन्य आरोपी गिरफ्तार
मामले में 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी आसद को 31 मई को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया था. उसके पिता नवाब और उसके सहयोगी फरहान तथा आतिफ को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके अलावा प्रशासन ने आरोपी के घर पर नोटिस चस्पा कर कथित अवैध कब्जे के मामले में जवाब मांगा है. इस दौरान अनिल राजभर ने समाजवादी पार्टी पर भी हमला बोला और कहा कि भाजपा सरकार ऐतिहासिक महापुरुषों के सम्मान और उनके स्मारकों के निर्माण का काम कर रही है, जबकि पिछली सरकारों की प्राथमिकताएं अलग थीं.
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