तालमेल नहीं दिखता...इंडिया गठबंधन की मीटिंग में अखिलेश ने पूछा सवाल तो राहुल गांधी ने भी दे दिया ये जवाब

'आज का यूपी' में देखें राज्य की 3 बड़ी खबरें. इंडिया गठबंधन की बैठक में सीटों को लेकर अखिलेश यादव और राहुल गांधी के बीच खिंची तलवारें. यूपी में मायावती के दरवाजे पर पहुंची कांग्रेस, चंद्रशेखर आजाद पर सस्पेंस बरकरार. उधर एनडीए में ओम प्रकाश राजभर ने 32 सीटों पर प्रभारी घोषित कर बीजेपी की मुश्किलें बढ़ाईं.

Rahul Gandhi and Akhilesh Yadav

Rahul Gandhi and Akhilesh Yadav

रजत सिंह

• 12:39 PM • 09 Jun 2026

follow google news

यूपी Tak के खास शो 'आज का यूपी' में हम राज्य की तीन बड़ी खबरों का विश्लेषण करते हैं. आज के शो में पहली बड़ी खबर इंडिया गठबंधन की हाई-प्रोफाइल मीटिंग से जुड़ी है जहां अखिलेश यादव ने कांग्रेस की राज्य इकाइयों के साथ खराब तालमेल का मुद्दा उठाया तो राहुल गांधी ने दो टूक जवाब देकर साफ कर दिया कि 2027 के चुनाव में कांग्रेस एक हार्ड बारगेनर के रूप में सामने आएगी. दूसरी खबर उत्तर प्रदेश की सियासत में तीसरे मोर्चे की सुगबुगाहट को लेकर है जहां कांग्रेस नेताओं की मायावती से मुलाकात की कोशिश और चंद्रशेखर आजाद की गठबंधन में एंट्री को लेकर कयास तेज हो गए हैं. वहीं  तीसरी बड़ी खबर एनडीए खेमे से आ रही है जहां सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने 32 विधानसभा सीटों पर अपने प्रभारियों का ऐलान कर बीजेपी के सामने बड़ी मांग रख दी है जिससे एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर रार मचनी तय मानी जा रही है.

यह भी पढ़ें...

1. इंडिया गठबंधन की बैठक में रार: अखिलेश ने उठाए सवाल, राहुल ने दिया दो टूक जवाब

बंगाल, केरल, तमिलनाडु और असम के हालिया चुनावी नतीजों के बाद दिल्ली में इंडिया गठबंधन की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी शामिल हुए जिन्होंने पहले ही साफ कर दिया है कि वे 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ेंगे. चर्चा है कि बैठक के अंदर का माहौल उम्मीद के मुताबिक सहज नहीं रहा. सूत्रों के मुताबिक, मल्लिकार्जुन खड़गे के कहने पर जैसे ही अखिलेश यादव ने कार्यवाही की शुरुआत की उन्होंने राज्यों में कांग्रेस इकाइयों के रवैये और खराब तालमेल पर सीधे सवाल खड़े कर दिए. अखिलेश के इस सुर में वाम दलों (लेफ्ट) ने भी अपना सुर मिलाया.

राहुल गांधी का रुख और कांग्रेस की 'हार्ड बारगेनिंग'

अखिलेश यादव के इस सवाल पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाया. राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कहा कि हमारा गठबंधन केंद्र के स्तर पर पूरी तरह एकजुट है. लेकिन जब राज्य इकाई के नेता कुछ कहते हैं तो मुझे उनकी बात सुननी पड़ती है. राहुल गांधी के इस बयान के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. यूपी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और सहारनपुर के कद्दावर मुस्लिम नेता इमरान मसूद जैसे नेता सपा के साथ पूरी तरह सहज नहीं हैं. इमरान मसूद जहां सहारनपुर की सातों सीटों पर दावा ठोक रहे हैं. वहीं सपा के आशु मलिक वहां अपना दावा जताते हैं. साफ है कि 2027 के चुनाव में कांग्रेस आसानी से झुकने वाली नहीं है. जहां सपा कांग्रेस को 50 से 70 सीटों के भीतर समेटना चाहती है. वहीं कांग्रेस 100 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है.

2. यूपी में तीसरे विकल्प की सुगबुगाहट: मायावती के दरवाजे पर कांग्रेस, चंद्रशेखर पर टिकी नजरें

उत्तर प्रदेश की सियासत में इस वक्त पर्दे के पीछे एक और बड़ा खेल चल रहा है. हाल ही में कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया और बसपा से कांग्रेस में आए पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम अचानक बसपा सुप्रीमो मायावती से मिलने उनके दरवाजे पर पहुंच गए. हालांकि यह मुलाकात नहीं हो सकी. लेकिन इसने राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज कर दी है कि क्या कांग्रेस यूपी में समाजवादी पार्टी के इतर किसी तीसरे विकल्प या सोशल इंजीनियरिंग की तलाश में है?

छोटे दलों और चंद्रशेखर आजाद की एंट्री का सस्पेंस

बैठक के भीतर भले ही भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद मौजूद नहीं थे. लेकिन गठबंधन के गलियारों में उनके नाम की गूंज साफ सुनाई दे रही है. कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या 2027 में चंद्रशेखर आजाद इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनेंगे? इसके अलावा पल्लवी पटेल की अपना दल (कमेरावादी), स्वामी प्रसाद मौर्य की पार्टी, महान दल और जनवादी पार्टी जैसे कई छोटे दल इस वक्त किसी भी पाले में नजर नहीं आ रहे हैं. चुनाव आते-आते क्या ये दल इंडिया गठबंधन में शामिल होंगे या यूपी की सियासत में कोई नया तीसरा मोर्चा खड़ा होगा यह देखने वाली बात होगी.

3. एनडीए में राजभर का 'पावर गेम': बीजेपी के सामने ठोक दिया 32 सीटों पर दावा

इंडिया गठबंधन में जहां सीटों को लेकर खींचतान शुरू हो चुकी है. वहीं सत्ताधारी एनडीए (NDA) गठबंधन में भी ऑल इज वेल नहीं है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने उत्तर प्रदेश की 32 विधानसभा सीटों पर अपने चुनाव प्रभारियों और सह-प्रभारियों की सूची जारी कर सीधे तौर पर बीजेपी नेतृत्व के सामने अपना प्रस्ताव रख दिया है. इन सीटों में गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, बलिया, जौनपुर, बनारस, भदोही, सीतापुर, बस्ती और बाराबंकी जैसे पूर्वांचल के मजबूत गढ़ शामिल हैं.

बाहुबलियों की सीटों पर नजर, बीजेपी के लिए बढ़ी मुश्किल

सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर ने साफ किया कि ये वो सीटें हैं जहां पार्टी 2017 में जीती थी या 2022 में बेहद कम मार्जिन से हारी थी. इनमें से 3 सीटें तो वर्तमान में बीजेपी के ही पास हैं. राजभर की इस लिस्ट में जौनपुर की हाई-प्रोफाइल मल्हनी सीट भी शामिल है जहां वर्तमान में सपा के लकी यादव विधायक हैं और वहां बाहुबली धनंजय सिंह का बड़ा प्रभाव है. माना जा रहा है कि यह सीट मिलने पर राजभर वहां से धनंजय सिंह को उतार सकते हैं. वहीं  मऊ सदर सीट से मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी सुभासपा के विधायक हैं. लेकिन अब उनकी नजदीकियां सपा से ज्यादा हैं. ऐसे में राजभर वहां से बृजेश सिंह को लड़ाने की जुगत में हैं. 2022 में अखिलेश के साथ रहकर 17 सीटों पर लड़कर 6 सीटें जीतने वाले राजभर का यह '32 सीटों का दांव' बीजेपी के लिए सीट शेयरिंग में बड़ी सिरदर्दी बनने वाला है.