ओपी राजभर, संजय निषाद ने दिल्ली में भाजपा नेतृत्व से की मुलाकात… सहयोगी दलों के साथ सीट शेयरिंग पर जल्द आ सकता है फैसला!

UP Elections 2027: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इसी महीने अपने सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे को लेकर चर्चा शुरू कर सकती है.

Uttar Pradesh Politics

Uttar Pradesh Politics News (Photo: AI Generated)

यूपी तक

12 Jun 2026 (अपडेटेड: 12 Jun 2026, 11:53 AM)

follow google news

UP 2027 Election Updates: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इसी महीने अपने सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे को लेकर चर्चा शुरू कर सकती है. पार्टी संगठन और गठबंधन, दोनों स्तरों पर चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं, जो राज्य की चुनावी तस्वीर को प्रभावित कर सकते हैं.

यह भी पढ़ें...

दिल्ली में सहयोगी दलों के नेताओं से हुई मुलाकात

सूत्रों के अनुसार, हाल ही में दिल्ली में भाजपा नेतृत्व और उसके प्रमुख सहयोगी दलों के नेताओं के बीच मुलाकात हुई है. इस दौरान सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर, निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद, राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के अध्यक्ष जयंत चौधरी और अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने भाजपा नेतृत्व से बातचीत की. माना जा रहा है कि बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति, गठबंधन की मजबूती और सीटों के संभावित बंटवारे को लेकर प्रारंभिक चर्चा की गई. हालांकि, आधिकारिक तौर पर बैठक के एजेंडे का खुलासा नहीं किया गया है.

केंद्रीय विस्तार और संगठनात्मक बदलाव का इंतजार

बताया जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व फिलहाल केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक टीम के गठन का इंतजार कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक, इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद सीट बंटवारे पर औपचारिक बातचीत तेज हो सकती है. पार्टी का प्रयास है कि चुनाव से पहले संगठनात्मक ढांचे को पूरी तरह मजबूत कर लिया जाए, ताकि जमीनी स्तर पर चुनावी अभियान को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जा सके.

यूपी बीजेपी की नई टीम का हो सकता है ऐलान

सूत्रों के अनुसार, इसी सप्ताह उत्तर प्रदेश भाजपा की नई संगठनात्मक टीम की घोषणा की जा सकती है. नई टीम में करीब 50 प्रतिशत नए चेहरों को जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है. इसके अलावा पार्टी छह नए क्षेत्रीय अध्यक्षों के नामों का भी एलान कर सकती है. इसे संगठन में नई ऊर्जा और संतुलन स्थापित करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.

साझा चुनावी रोडमैप तैयार करने पर फोकस

भाजपा की कोशिश सहयोगी दलों के साथ मिलकर एक साझा चुनावी रोडमैप तैयार करने की है. पार्टी गठबंधन को मजबूत बनाए रखते हुए चुनावी मैदान में उतरने की रणनीति पर काम कर रही है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और गठबंधन दोनों स्तरों पर हो रही यह कवायद भाजपा के लिए अहम साबित हो सकती है. फिलहाल सभी की नजरें पार्टी के आगामी फैसलों, नई टीम की घोषणा और सीट बंटवारे को लेकर होने वाली औपचारिक बैठकों पर टिकी हुई हैं.