हम आंदोलनकारी आज परदेसी हो गए... अयोध्या राम मंदिर दान विवाद के बीच BJP नेता बृजभूषण सिंह का छलका दर्द!

Brijbhushan Sharan on Singh Ram Mandir: अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी और जमीन खरीद-फरोख्त विवाद पर सियासत तेज हो गई है. SIT की जांच जारी है जबकि बृजभूषण शरण सिंह और सांसद करण भूषण सिंह ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई तथा जल्द एफआईआर दर्ज होने का दावा किया है.

Brijbhushan Singh

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अंचल श्रीवास्तव

• 04:34 PM • 17 Jun 2026

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Brijbhushan Sharan on Singh Ram Mandir: अयोध्या के राम मंदिर में दान की चोरी और जमीन की खरीद-फरोख्त का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है. एक तरफ SIT पिछले तीन दिनों से मुख्य आरोपी टिन्नू सहित कई संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है. वहीं दूसरी तरफ राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी रिएक्शन दिया है. बृजभूषण सिंह ने कहा कि जिन्होंने लाठियां खाईं और गिरफ्तारियां झेलीं वे आज अयोध्या में परदेसी बनकर रह गए हैं.   

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'सीबीआई ने सबसे पहले मुझे अरेस्ट किया लेकिन आज हम परदेसी हो गए'

राम मंदिर विवाद और अयोध्या की वर्तमान व्यवस्था पर बात करते हुए पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि 'यह सत्य है कि मैं अयोध्या आंदोलन से शुरू से जुड़ा रहा हूं. उस समय विनय कटिहार प्रमुख भूमिका में थे. आज हम सब लोग कहीं ना कहीं बेहद आहत हैं. केवल मैं, विनय कटिहार या संतोष दुबे ही आहत नहीं हैं बल्कि आंदोलन से जुड़े वो लाखों लोग आहत हैं जिन्होंने पूरा केस लड़ा और सीबीआई की कार्रवाइयां झेलीं. सबसे पहले सीबीआई ने मुझे अरेस्ट किया था. लेकिन आज ऐसा माहौल बना दिया गया है जैसे हम लोग अपने ही घर में परदेसी हो गए हैं.'

बृजभूषण सिंह ने अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए.  उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में अगर सबसे बड़ा जन-सहयोग किसी क्षेत्र का था तो वह देवीपाटन मंडल यानी गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर का था. लेकिन आज इसी मंडल के लोगों को अयोध्या से वंचित कर दिया गया है.

नवाबगंज और कटरा से लेकर पूरी अयोध्या को इस तरह सील किया गया कि सैकड़ों वर्षों से अयोध्या से जुड़े आम लोग प्रभावित हुए हैं. हालांकि बाद में मिथिलेश नंदिनी जी के वक्तव्य के बाद 53 रास्ते और नृपेन्द्र मिश्रा जी की पहल पर 18 सड़कें खोली गईं. आज भी रंग महल जैसे बड़े ऐतिहासिक मंदिरों के सामने बैरियर लगे हैं जहां मंदिर के हजारों शिष्यों को दर्शन के लिए जामा तलाशी और कड़ी पूछताछ से गुजरना पड़ता है.

दानपात्र में चोरी और गायब हुई 1250 शिलाओं के नए खुलासों पर बात करते हुए बृजभूषण सिंह ने कहा कि लोग हाथ में दस्तावेज लेकर घूम रहे हैं कि कैसे 2 करोड़ की जमीन को उसी शाम 20 करोड़ रुपये में बेच दिया गया. उन्होंने कहा 'धुआं ऐसे ही नहीं उठता है. लेकिन मुझे केंद्र और प्रदेश सरकार पर पूरा भरोसा है. सरकार ने इस विषय को बहुत गंभीरता से लिया है. जनता विश्वास रखे जो भी दोषी हैं, उन्हें भगवान राम तो बाद में सजा देंगे. लेकिन हमारी सरकार उन्हें पहले ही कानून के तहत सख्त सजा देगी. किसी को बख्शा नहीं जाएगा.'

सांसद करण भूषण सिंह का बड़ा दावा

दूसरी तरफ गोंडा में मीडिया से बात करते हुए कैसरगंज लोकसभा सीट से भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई की बात कही. उन्होंने कहा 'उत्तर प्रदेश में पूज्य महाराज जी (योगी आदित्यनाथ) बैठे हैं और केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हैं. यह डबल इंजन की सरकार है जिसमें कोई भी भ्रष्टाचारी बच नहीं सकता.'

FIR में नहीं होगी देरी

जब सांसद से पूछा गया कि एफआईआर होने में इतनी देरी क्यों हो रही है तो उन्होंने कहा 'राम जन्मभूमि मंदिर बनने में भी बड़ा समय लगा था. इस मामले की जांच एसआईटी बेहद बारीकी से कर रही है. बहुत जल्द ही इस मामले में एफआईआर दर्ज होगी और इसमें अब बिल्कुल भी देर नहीं की जाएगी.'

बता दें कि फिलहाल इस पूरे घोटाले की कमान एसआईटी के हाथों में है जो कड़ियों को जोड़ने के लिए लगातार पूछताछ कर रही है. हालांकि अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है. लेकिन कद्दावर भाजपा नेताओं के इन बयानों से साफ है कि आने वाले दिनों में अयोध्या में बड़ी कानूनी कार्रवाई देखने को मिल सकती है.