बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत पर आ गया अखिलेश का रिएक्शन, भाजपा की हार की बताई ये वजह

आयशा शेख़

• 07:40 PM • 04 Aug 2026

बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला है. उन्होंने इसे बीजेपी के लिए "12 साल का रिटर्न गिफ्ट" बताते हुए दावा किया कि यह नतीजा जनता की नाराजगी का संकेत है.

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Bankipur Bypoll Result: बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बांकीपुर की हार बीजेपी के लिए "12 साल का रिटर्न गिफ्ट" है और नतीजा जनता की नाराजगी दिखाता है.

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अखिलेश यादव ने दावा किया कि इस चुनाव में भाजपा ने वैसी रणनीति नहीं अपनाई, जैसी वह दूसरे चुनावों में अपनाने का आरोप झेलती रही है. इसी वजह से, उनके मुताबिक, जनता का असली फैसला सामने आ गया.

आखिर बांकीपुर उपचुनाव में हुआ क्या?

बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है. इस सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा. नतीजों के बाद विपक्ष ने इसे जनता के मूड का संकेत बताया, जबकि भाजपा की ओर से इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

पटना की बांकीपुर सीट पर 1995 से भाजपा का एकछत्र कब्जा था. सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और उनके परिवार का गढ़ मानी जाती थी. नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद इस सीट पर उपचुनाव हुआ, लेकिन इस बार चुनावी हवा ऐसी बदली कि पहली बार मैदान में उतरे चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार को 19 हजार से ज्यादा वोटों के भारी अंतर से हरा दिया.

इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस हार को लेकर भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि यह सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि जनता के संदेश को समझने का मौका है.

'12 साल का रिटर्न गिफ्ट मिला है भाजपा को'

अखिलेश यादव ने कहा,

"बांकीपुर की हार के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के पास कुछ बाकी बचा नहीं है. 12 साल का ही रिटर्न गिफ्ट मिला है भाजपा को."

उन्होंने कहा कि भाजपा को इस हार से यह समझ लेना चाहिए कि जनता की नाराजगी कितनी बढ़ चुकी है. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस चुनाव में वैसे तरीके नहीं अपनाए, जिनका आरोप विपक्ष पहले भी लगाता रहा है.

उनका कहना था कि इस बार भाजपा देखना चाहती थी कि बिना किसी अतिरिक्त हस्तक्षेप के जनता कितना वोट देती है. अखिलेश यादव ने आगे कहा कि इस चुनाव में न तो पुलिस-प्रशासन का वैसा इस्तेमाल हुआ और न ही किसी तरह की बेईमानी हुई. 

'यह हार नहीं, जनता का संकेत है'

सपा प्रमुख ने कहा कि इस नतीजे को सामान्य हार-जीत की तरह नहीं देखा जाना चाहिए. उनके मुताबिक भाजपा खुद जानना चाहती थी कि अगर चुनाव सामान्य तरीके से हो तो जनता कितना समर्थन देती है. सवाल किया कि अगर कुंदरकी जैसा चुनाव लड़ते, रामपुर जैसा चुनाव लड़ते, यूपी के उपचुनाव उस तरह लड़ते तो क्या भाजपा हारती?

बंगाल चुनाव का भी किया जिक्र

अपने बयान में अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि क्या बंगाल में आपने-हमने नहीं देखा कैसे चुनाव था? इसके जरिए उन्होंने भाजपा  की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए और अपने पुराने आरोपों को दोहराया.