Sachin Yadav SP MLA: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान जमकर हंगामा देखने को मिला.सीएम योगी आदित्यनाथ के भाषण के दौरान सपा के विधायक प्लेकार्ड और सीएम योगी की फोटो लहराते हुए नारेबाजी करने लगे. इस वाकये से नाराज होकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सपा विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया.
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हंगामे के बीच जब सतीश महाना ने सख्त रुख अपनाया तो उन्होंने सचिन यादव को फटकार लगाते हुए कहा 'बहुत ज्यादा लॉयल बनने की कोशिश मत करिए.' इतना ही नहीं स्पीकर ने एथिक्स कमेटी के जरिए उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने तक की चेतावनी दे डाली. आइए जानते हैं कि कौन हैं सपा विधायक सचिन यादव और विधानसभा के अंदर ऐसा क्या हुआ कि स्पीकर को इतना सख्त कदम उठाना पड़ा.
कौन हैं सपा विधायक सचिन यादव?
सचिन यादव फिरोजाबाद जिले की जसराना विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक हैं.सचिन यादव का जन्म 1982 में हुआ था. उन्होंने B.Sc इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की है. उनकी पत्नी का नाम गीतिका सिंह है.
साल 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सचिन यादव ने जसराना से सपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी.उन्हें कुल 1,08,289 वोट मिले थे. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार मानवेंद्र लोधी को बेहद कड़े मुकाबले में 836 वोटों के अंतर से हराकर विधानसभा में अपनी जगह बनाई थी.
विधानसभा में क्या हुआ?
विधानसभा सत्र के दूसरे दिन जब योगी सरकार अनुपूरक बजट पेश करने की तैयारी में थी.तभी विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर सदन में नारेबाजी शुरू कर दी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब सदन को संबोधित कर रहे थे तब सपा विधायक वेल में आ गए. इसी दौरान जसराना विधायक सचिन यादव ने सीएम योगी की एक फोटो लहराई जिसमें कुछ टिप्पणी दर्ज थी.
यह देखते ही विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने तुरंत टोकत हुए कहा 'सचिन आप मुख्यमंत्री जी की फोटो के साथ ऐसा नहीं कर सकते. आप कुछ भी लिख देंगे? आप ऐसा नहीं कर सकते हैं. इनको हाउस से बाहर निकालिए. आपको पूरे सत्र के लिए बाहर निकाला जाता है.' इसके बाद सदन में मार्शल्स को बुलाना पड़ा जिन्होंने स्थिति को संभाला और विधायक को बाहर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की.
सदस्यता कर दूंगा रद्द-सतीश महाना
हंगामे के बीच सतीश महाना ने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी सदस्य को सदन की मर्यादा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को तार-तार करने की इजाजत नहीं दी जाएगी. स्पीकर ने कहा 'मैं एथिक्स कमेटी को भेजकर आपकी सदस्यता टर्मिनेट करने का प्रस्ताव रख दूंगा. आप विशेषाधिकार के दायरे में आते हैं. बहुत ज्यादा लॉयल बनने की कोशिश मत करिए.'
यह सपा का अलोकतांत्रिक आचरण है-सीएम योगी
विधायक के निष्कासन और हंगामे के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला. सीएम योगी ने कहा 'सदन में विधाई कार्य और अनुपूरक बजट जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विरोधी दल के लोगों ने कोई रुचि नहीं ली.ये लोग अनावश्यक मुद्दों को उठाकर सदन का बहुमूल्य समय नष्ट कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता के हितों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. इनका न चर्चा पर विश्वास है, न संवैधानिक मूल्यों पर. पूरा प्रदेश सपा के इस अलोकतांत्रिक आचरण को देख रहा है.' हंगामे और तीखी बहस के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.
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