बहुत मिस करूंगा पापा आपको... पिता के निधन के बाद रिंकू सिंह ने पहली बार जो कुछ कहा उस जान आंख गीली हो जाएंगी!

Rinku Singh News: वर्ल्ड कप विजेता रिंकू सिंह ने पिता के निधन के बाद लिखा भावुक पोस्ट. 'फर्ज' और 'सपने' के बीच के संघर्ष को बयां करते हुए कहा रिंकू ने 'हर खुशी में खलेगी आपकी कमी.'

Rinku Singh with his father Khanchand Singh.

हर्ष वर्धन

10 Mar 2026 (अपडेटेड: 10 Mar 2026, 12:57 PM)

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Rinku Singh News: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह के लिए यह वक्त खुशियों और गम का एक ऐसा संगम है जिसे शब्दों में पिरोना आसान बात नहीं है. एक तरफ टीम इंडिया ने वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया है तो दूसरी तरफ रिंकू ने अपने जीवन के सबसे बड़े मार्गदर्शक और अपने पिता को खो दिया है. वर्ल्ड कप की जीत के बाद अपने दिवंगत पिता को याद करते हुए रिंकू सिंह ने एक बेहद भावुक पोस्ट शेयर किया है जिसने हर क्रिकेट प्रेमी की आंखों को नम कर दिया है. 

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रिंकू सिंह जिन्होंने गरीबी से लड़कर भारतीय टीम तक का सफर तय किया वह आज सफलता के शिखर पर तो हैं लेकिन उनके इस सफर के सबसे बड़े गवाह उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं. बीती दिनों वर्ल्ड कप के दौरान ही रिंकू के पिता का निधन हुआ था. उस समय रिंकू टूर्नामेंट के बीच से घर आए, पिता का अंतिम संस्कार किया और फिर टीम के साथ जुड़ गए थे. भारत ने वर्ल्ड कप जीता और रिंकू उस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा रहे. लेकिन जीत के बाद जब जश्न का माहौल था तब रिंकू की आंखें अपने पिता को तलाश रही थीं. 

रिंकू सिंह ने लिख दिल छू देने वाला पोस्ट

रिंकू ने कहा, "आपासे बात किए बिना इतने दिन कभी नहीं निकले. मुझे नहीं पता आगे की जिंदगी आपके बिना कैसे चलेगी… पर मुझे हर कदम पर आपकी ज़रूरत पड़ेगी. आपने सिखाया था कि फर्ज़ सबसे आगे है.. तो फील्ड पर बस आपका सपना पूरा करने की कोशिश कर रहा था. अब आपका सपना पूरा हो गया है…. तो बस यही लगता है कि काश आप मेरे पास होते. हर छोटी बड़ी खुशी में आपकी कमी खलेगी. बहुत मिस करूंगा आपको पापा... बहुत ज़्यादा."

घर-घर सिलेंडर पहुंचाकर बच्चों का पेट पाला था खानचंद सिंह ने

रिंकू के पिता खानचंद सिंह ने घर-घर जाकर एलपीजी सिलेंडर पहुंचाकर अपने परिवार का गुजारा किया था. रिंकू ने कई बार बताया है कि कैसे उनके पिता ने उनकी क्रिकेट यात्रा में हर संभव साथ दिया. रिंकू का वर्ल्ड कप जीतना उनके पिता का सबसे बड़ा सपना था. रिंकू ने मैदान पर अपना फर्ज तो पूरा किया और तिरंगा लहराया, लेकिन उस जीत का मेडल अपने पिता के गले में न डाल पाने का मलाल उनके शब्दों में साफ झलकता है.