Bengal Exit Poll: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की वोटिंग प्रक्रिया संपन्न होते ही अब सबकी नजरें नतीजों पर टिकी हैं. बंगाल का यह चुनाव इस बार उत्तर प्रदेश के लिए भी बेहद खास है. चुनाव प्रचार के दौरान यूपी के भाजपा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बंगाल की कई सीटों पर भाजपा (BJP) के लिए धुआंधार रैलियां की थीं, यही वजह है कि यूपी के सियासी गलियारों में भी बंगाल के नतीजों को लेकर भारी उत्सुकता है. अब मतदान के बाद तमाम एग्जिट पोल सामने आने लगे हैं. आइए जानते हैं Matrize के एग्जिट पोल में बंगाल की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगती दिख रही है और यूपी के सीएम की मेहनत का वहां क्या असर नजर आ रहा है?
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Matrize सर्वे: बंगाल में क्या खिलेगा कमल?
मैट्राइज के सर्वे (23 से 29 अप्रैल 2026) के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है. 68,750 लोगों की राय पर आधारित यह एग्जिट पोल भाजपा की सरकार बनने का संकेत दे रहा है.
सीटों का गणित: बहुमत के आंकड़े की ओर BJP
एग्जिट पोल के अनुसार, 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा बहुमत के आंकड़े को छूती नजर आ रही है.
- TMC+ 125-140
- BJP 146-161
- Others 6-10
किस पार्टी को कितना वोट शेयर मिलेगा?
वोट शेयर की बात करें तो BJP को 42.5% वोट मिलने का अनुमान है, जबकि TMC+ को 40.8% और अन्य को 16.7% वोट मिल सकते हैं.
क्षेत्रवार प्रदर्शन: कहां कौन पड़ा भारी?
- नॉर्थ बंगाल (54 सीटें): यहां भाजपा की सुनामी नजर आ रही है. BJP को 30 से 33 सीटें और TMC+ को 15 से 18 सीटें मिलने का अनुमान है.
- साउथ बंगाल (183 सीटें): ममता बनर्जी का किला यहां अभी भी मजबूत है. TMC+ को 88 से 98 सीटें और BJP को 80 से 90 सीटें मिल सकती हैं.
- रार्ह रीजन (57 सीटें): यहां दोनों पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर है. TMC+ को 26-32 सीटें और BJP को 25-30 सीटें मिलने का अनुमान है.
सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि जेंडर के आधार पर वोटरों की पसंद बंटी हुई है:
- पुरुष वोटर: 44% भाजपा के साथ और 40% टीएमसी के साथ नजर आ रहे हैं.
- महिला वोटर: 44% टीएमसी के साथ और 41% भाजपा के साथ दिख रही हैं.
किन मुद्दों ने प्रभावित किया चुनाव?
Matrize के सर्वे में वोटरों के लिए बेरोजगारी (14%), चुनावी हिंसा (13%), सत्ता विरोधी लहर (12%) और अवैध घुसपैठ (12%) सबसे बड़े मुद्दे रहे. इसके अलावा भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा ने भी चुनाव में अहम भूमिका निभाई. अब देखना यह होगा कि 2026 के असली नतीजे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रचार और भाजपा के दावों पर कितनी मुहर लगाते हैं.
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