5 लाख का चेक सौंपने के बाद सपा डेलिगेशन ने पूछा- आप अखिलेश यादव से मिलना चाहते हैं? निशा विश्वकर्मा के माता-पिता ने दिया ये जवाब

गाजीपुर के निशा विश्वकर्मा मामले में सपा प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर 5 लाख की मदद दी. अखिलेश यादव ने इसे वर्चस्ववाद के खिलाफ PDA का साझा संघर्ष बताया.

निश्वा विश्वकर्मा के परिजनों को सपा डेलिगेशन ने दिया 5 लाख का चेक

विनय कुमार सिंह

• 01:10 PM • 28 Apr 2026

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गाजीपुर के चर्चित कटरिया कांड को लेकर सियासत तेज है. इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी के एक डेलिगेशन ने मृतका निशा विश्वकर्मा के पीड़ित माता-पिता से मुलाकात की. इस दौरान सपा नेताओं ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और सहायता राशि के रूप में 5 लाख रुपये का चेक सौंपा.

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इस मुलाकात और मदद के बाद अखिलेश यादव ने X पर एक विस्तार से एक पोस्ट शेयर कर इस कार्रवाई को सामाजिक एकता से जोड़ा है.

उन्होंने कहा, "गाजीपुर के पीड़ित परिवार को हमारे पूरे पीडीए समाज ने मिलकर, एक समुदाय के रूप में 5 लाख रुपये एकत्र कर, इस कठिन घड़ी में अपने प्रतिनिधि मंडल के माध्यम से जो मदद की है, वो दरअसल पीडीए की एकता का प्रतीक है. इससे पीड़ित पीडीए परिवार के रूप में इनका मनोबल बढ़ेगा और ये विश्वास भी कि वर्चस्ववादियों के अत्याचार के खिलाफ समस्त पीडीए समाज एकसाथ संघर्ष कर रहा है और करता रहेगा. हम पीडीए के मान-सम्मान, समान अवसर -स्थान और चतुर्दिक उत्थान के लिए संघर्ष करते रहेंगे, इसमें साल लगे या सदी! पीड़ा ही वो धागा है, जिससे पूरा पीडीए समाज जुड़ा है."

पीड़ित परिवार से मिलने के बाद सपा डेलीगेशन ने क्या कहा?

सपा डेलिगेशन का नेतृत्व कर रहे उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को पूरी जानकारी दी. रामआसरे विश्वकर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन की देखरेख में समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिला. गांव में जिला पंचायत भवन में परिजनों से मुलाकात कर समाजवादी पार्टी की ओर से 5 लाख रुपये का चेक सौंपा गया. साथ ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से शोक संवेदना भी व्यक्त की गई. 

उन्होंने कहा कि परिजनों से बातचीत के दौरान उनसे पूछा गया कि क्या वे समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से मिलना चाहते हैं? इस पर पीड़ित परिवार ने इच्छा जताई कि वे अखिलेश यादव से मिलना चाहते हैं. रामआसरे विश्वकर्मा ने स्पष्ट कहा कि 'बात अभी खत्म नहीं हुई है. अगर कल मुलाकात नहीं हो पाती है, तो बाद में होगी, लेकिन अखिलेश यादव पीड़ित परिवार से जरूर मिलेंगे.'

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राम आसरे विश्वकर्मा ने प्रशासन और जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब पहले ही मामला सामने आ चुका था, तो चार दिन बाद दो अन्य अभियुक्तों के नाम क्यों सामने आए? अगर नाम सामने आए थे, तो उनकी गिरफ्तारी अब तक क्यों नहीं हुई? उन्होंने कहा कि इस मामले में कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब प्रशासन को देना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और न्याय मिलने तक उनकी आवाज उठाती रहेगी.

इससे पहले यूपी सरकार ने दिए थे 5 लाख

मालूम हो कि अभी हालिया सीएम योगी के निर्देश पर मंत्री ओपी राजभर गाजीपुर में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे. तब ओपी राजभर ने पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये और डेढ़ बीघा जमीन के पट्टे के कागजात सौंपे थे. इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा भेजा गया पत्र भी परिजनों को सौंपा गया था. पीड़ित परिवार से ओम प्रकाश राजभर ने मुलाकात के बाद मीडिया से बात की. ओपी राजभर ने सपा पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था 'सपा जाति के आधार पर राजनीति कर रही है.'