Mahoba BJP Controversy: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा पर बेहद गंभीर और संगीन आरोप लगाए. दीपाली का दावा है कि जिला उपाध्यक्ष पद के बदले उन पर हमबिस्तर होने का अनैतिक दबाव बनाया गया और बात न मानने पर धमकी दी गई. वहीं जिला अध्यक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे छवि धूमिल करने की साजिश बताया है. यह मामला अब पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय तक पहुंच गया है, जहां दीपाली तिवारी ने जिला अध्यक्ष के खिलाफ तहरीर दी है.
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'पद के बदले रखी गई अनैतिक शर्त'
एसपी कार्यालय पहुंचीं पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने विस्तार से अपनी बात रखी. उन्होंने बताया, "मैं एसपी ऑफिस आई हुई हूं मोहन लाल जी ने जो मेरे साथ गलत व्यवहार किया उसके खिलाफ शिकायत देने. उन्होंने मुझसे हमबिस्तर होने की डिमांड की थी, जिसे मैंने मना कर दिया. मैंने उनसे निवेदन किया था कि मैं 10 साल से पार्टी में काम कर रही हूं, इसलिए मुझे जिला उपाध्यक्ष या महामंत्री जैसा कोई उच्च पद दिया जाए. इस पर उन्होंने कहा कि मैं पद देने के लिए तैयार हूं, लेकिन मेरी शर्त माननी पड़ेगी. जब मैंने इनकार किया, तो उन्होंने मुझे धमकी दी कि यदि बात नहीं मानोगी, तो जिला मंत्री ही बनाकर रखूंगा."
दीपाली ने आगे आरोप लगाया कि जिला अध्यक्ष ने उन्हें डराने की कोशिश भी की. उन्होंने कहा, "मोहन लाल जी ने धमकी दी कि अगर मैं शांत नहीं होती हूं, तो मेरे पति के ऊपर धारा 376 लगाकर जेल में डलवा देंगे. मैं चाहती हूं कि उन्हें पद से हटाया जाए और मुझे न्याय मिले."
वीडियो में देखें दीपाली तिवारी ने क्या कहा?
जिला अध्यक्ष का पक्ष- 'आरोप पूरी तरह निराधार'
दूसरी ओर, इन गंभीर आरोपों पर पलटवार करते हुए बीजेपी जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा ने इन्हें सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा, "सोशल मीडिया के माध्यम से जो मेरे ऊपर निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं, इसमें दूर-दूर तक सच्चाई नहीं है और मेरा इसमें कोई लेना-देना नहीं है. ये पूरी तरह से आरोप गलत हैं और मैं इसकी घोर निंदा करता हूं. मेरे ऊपर लगाए गए ये आरोप पूरी तरह निराधार हैं और मैं इनका खंडन करता हूं."
यहां देखें मोहनलाल कुशवाहा का बयान
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