UP Vidhan Sabha Chunav 2027: उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी बीच समाजवादी पार्टी अपने पीडीए समीकरण (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) को भी लगातार धार दे रही है, उसे मजबूत कर रही है. अब अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी बदल दिया है. माना जा रहा है कि अपने पीडीए समीकरण को मजबूत करने और राजनीतिक संदेश देने के लिए सपा मुखिया ने ये कदम उठाया है.
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आपको बता दें कि सपा ने सीमा राजभर को महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है. इससे पहले इस पद पर जूही सिंह थी.
राजभर वोट बैंक निशाने पर
सियासी गलियारों में चर्चाएं हैं कि सीमा राजभर के जरिए सपा ने राजभर वोट बैंक को टारगेट किया है. सपा ने राजभर समाज को संदेश दिया है. दरअसल सीमा राजभर के जरिए समाजवादी पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और उनके अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर की काट खोजने की कोशिश कर रही है.
साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले ओपी राजभर एनडीए से अलग हो गए थे और उन्होंने अखिलेश यादव के साथ गठबंधन किया था. दोनों की जोड़ी ने पूर्वांचल में भाजपा को मजबूत टक्कर दी थी. मगर यूपी में सरकार एनडीए की ही बनी. इसके बाद ओपी राजभर फिर एनडीए में शामिल हो गए और अब सरकार में मंत्री भी बन गए. इसके बाद से वह सपा और सपा मुखिया अखिलेश यादव पर हमलावर रहते हैं.
माना जा रहा है कि ओपी राजभर की काट के लिए सपा को राजभर नेता की जरूरत थी. इसलिए सीमा राजभर को अहम जिम्मेदारी देकर, सपा ने बड़ा सियासी दांव चल दिया है.
कौन हैं सीमा राजभर?
बता दें कि सीमा राजभर बलिया की रहने वाली हैं. वह जमीनी स्तर की राजनीति से जुड़ी हुई हैं. वह ओपी राजभर की पार्टी में भी रह चुकी हैं. मगर साल 2022 में उन्होंने सुभासपा छोड़ दी थी और इस दौरान ओपी राजभर पर कई आरोप भी लगाए थे. ऐसे में अब सपा को उम्मीद है कि सीमा राजभर के जरिए वह राजभर समाज के मतों को अपनी तरफ खींच पाने में कामयाब होगी.
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