लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संशोधन विधेयक गिरने के बाद शनिवार रात 8:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया. इस बिल के गिरने पर पीएम मोदी ने विपक्षी पार्टियों पर जमकर हमला बोला. उन्होंने इस दौरान कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी पर चुन-चुनकर निशाना साधा. पीएम ने आरोप लगाते हुआ कहा कि पक्ष ने अपने स्वार्थ की वजह से इस बिल को पारित नहीं होने दिया.
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सपा को लेकर पीएम ने क्या कहा?
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आरोप मढ़ते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण की विरोधी है. इसके अलावा उन्होंने अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी को लेकर कहा कि 'यूपी की महिलाएं सपा को नहीं भूलेंगी.' पीएम मोदी ने कहा कि देश की नारी शक्ति सब देख रही है, बिल गिरा तो मुझे बहुत दुख हुआ. अपने 30 मिनट का संबोधन उन्होंने ये कहते हुए खत्म किया कि उनका आत्मबल अजेय है और उनकी सरकार ने अभी हार नहीं मानी है. पीएम ने कहा कि सरकार ने पूरी कोशिश की. मगर सफलता नहीं मिल पाई और नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो सका.
'कांग्रेस हर रिफॉर्म को रोककर बैठी है'
पीएम मोदी ने कहा कि जो भी काम देश के लिए जरूरी फैसला होता है, कांग्रेस इसे कार्पेट के नीचे डाल देती है. कांग्रेस के इसी रवैये की वजह से आज देश उस ऊंचाई पर नहीं पहुंच पाया जिसका ये हकदार है. कांग्रेस हर रिफॉर्म को रोककर बैठी है. लटकाना और अटकाना की कांग्रेस का सिद्धांत और वर्क कल्चर रहा है.
देश के हर जरूरी सुधार का कांग्रेस विरोध करती है: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि देश के हर जरूरी सुधार का कांग्रेस विरोध करती है. जनधन, आधार, डिजिटल पेमेंट्स, जीएसटी, गरीबों को आरक्षण, तीन तलाक कानून, आर्टिकल 370 हटाना, हर चीज का विरोध किया. यहां तक कि यूनिफॉर्म सिविल कोड जैसे सुधारों का भी विरोध करती है. रिफॉर्म का नाम सुनते ही कांग्रेस विरोध करने लगती है. जो भी काम देश को मजबूत बनाता है, कांग्रेस उसमें बाधा डालती है. कांग्रेस वन नेशन वन इलेक्शन का विरोध करती है. घुसपैठियों को निकालने का विरोध करती है.
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