यूपी तक का खास शो आज का यूपी राज्य की राजनीतिक और सामाजिक हलचलों का सबसे सटीक विश्लेषण पेश करता है. आज के अंक में हम तीन बड़ी खबरों पर विस्तार से चर्चा करेंगे. पहली खबर में हम देखेंगे कि कैसे महिला आरक्षण बिल के बहाने अखिलेश यादव और स्मृति ईरानी के बीच शायराना जंग छिड़ गई है और स्मृति ने अखिलेश को कौन सी बड़ी चुनौती दी है. दूसरी खबर संभल से है, जहां प्रशासन ने खेल के मैदान पर बनी एक 50 फुट ऊंची मस्जिद की मीनार को जमींदोज कर दिया. वहीं, तीसरी खबर में हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बुलडोजर मॉडल की गूंज और अन्य अवैध ढांचों पर हो रही कार्रवाई का विश्लेषण करेंगे.
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अखिलेश बनाम स्मृति: 'सास-बहू' के तंज से शुरू हुई शायराना जंग
संसद में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है. इसकी शुरुआत तब हुई जब अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए स्मृति ईरानी के पुराने टीवी करियर (सास-बहू सीरियल) पर तंज कसा. स्मृति ईरानी ने इसे अपनी पहचान और कामकाजी महिलाओं के अपमान से जोड़ते हुए पलटवार किया.
स्मृति ईरानी ने 'X' पर लिखा कि जिन्हें राजनीति विरासत में मिली है, वे उन लोगों को याद कर रहे हैं जिन्होंने अपने दम पर मुकाम हासिल किया है. इसके जवाब में अखिलेश यादव ने शायराना अंदाज में पलटवार करते हुए लिखा, "हर बात से अगर साजिश की बू आई न होती, यकीन करते लोग अगर बात जुमलाई न होती. दरअसल अगर अवाम से दोस्ती निभाई होती, तो इतनी जल्दी विदाई की घड़ी आई न होती."
अखिलेश का यह निशाना अमेठी चुनाव में स्मृति ईरानी की हार की ओर था. इसके बाद स्मृति ईरानी ने वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अखिलेश को सीधी चुनौती दी कि अगर उनमें दम है, तो अपनी सुरक्षित पैतृक सीट छोड़कर गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं.
संभल- खेल के मैदान पर बनी 50 फुट ऊंची मस्जिद की मीनार ढही
संभल जिले में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई मस्जिद की मीनार को गिरा दिया है. मामला एक गांव के खेल के मैदान और खाद के गड्ढे की जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ा था. 28 मार्च को हुई पैमाइश में प्रशासन ने पाया कि लगभग 1150 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर मस्जिद, मदरसा और कुछ दुकानों का निर्माण किया गया था.
ग्रामीणों ने मदरसे और दुकानों को खुद ही हटा लिया था, लेकिन मस्जिद हटाने से इनकार कर दिया. इसके बाद प्रशासन ने दो हाइड्रा और दो बुलडोजर मशीनों की मदद से करीब 50 फुट ऊंची मीनार को जमींदोज कर दिया. यह मीनार आसपास के इलाकों में सबसे ऊंची मानी जाती थी, जिसे गिरते देखने के लिए भारी भीड़ जमा हो गई थी. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध धार्मिक ढांचा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
'बुलडोजर मॉडल' की धमक, अवैध निर्माणों पर कार्रवाई जारी
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 'बुलडोजर मॉडल' अब केवल राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी गूंज दूसरे राज्यों के चुनावी मंचों तक भी पहुँच रही है. संभल की कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है. शासन के कड़े निर्देश हैं कि खेल के मैदानों, तालाबों और चरागाहों की जमीन पर किए गए कब्जों को हर हाल में मुक्त कराया जाए.
मस्जिद और मदरसे जैसे ढांचों पर हो रही यह कार्रवाई यह संदेश दे रही है कि कानून सबके लिए बराबर है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद अपनी सभाओं में इस बात का जिक्र कर रहे हैं कि अपराधियों और अवैध कब्जाधारियों के लिए यूपी में कोई जगह नहीं है. आने वाले दिनों में राज्य के अन्य हिस्सों में भी ऐसे चिन्हित अवैध निर्माणों पर पीला पंजा चलना तय माना जा रहा है.
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