चायवाले आर्यन के लिए भावुक हुए अखिलेश यादव, सीएम योगी से मांग लिया ये!

Akhilesh Yadav to CM Yogi: अखिलेश यादव को चाय पिलाने वाले फतेहपुर के चाय वाले आर्यन यादव पर सरकारी छापे और दबंगों के हमले से हड़कंप मच गया है. उत्पीड़न से परेशान आर्यन पलायन को मजबूर हैं. अखिलेश ने इसे भाजपा की तुच्छ राजनीति बताकर आर्यन का समर्थन किया है.

Akhilesh Yadav and CM Yogi

गौरांशी श्रीवास्तव

19 Apr 2026 (अपडेटेड: 19 Apr 2026, 02:18 PM)

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Akhilesh Yadav to CM Yogi: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक साधारण चाय की दुकान चलाने वाले आर्यन यादव इन दिनों सुर्खियों में हैं. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के उनकी दुकान पर रुककर चाय पीने के बाद से ही आर्यन की मुश्किलें बढ़ गई हैं. चाय पिलाने के बदले में उन्हें फूड विभाग के छापे से लेकर सरकारी अधिकारियों की धमकियों और अराजक तत्वों द्वारा की गई मारपीट का सामना करना पड़ रहा है.  अब यह मुद्दा लगातार गमाता जा रहा है.  बीती रात भी अखिलेश यादव ने एक पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने जमकर फूड डिपार्टमेंट पर निशाना साधा था. लेकिन आज अखिलेश यादव का एक पोस्ट आया. इस बार उनका लहजा बहुत नर्म था. अखिलेश ने कहा कि 'आर्यन को डरने की जरूरत नहीं है. करोड़ों पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) लोग उसके साथ हैं.'  उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले का संज्ञान लेने और अराजक तत्वों पर कार्रवाई करने की मांग की है.

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अखिलेश ने सीएम योगी से कही ये बात

अखिलेश यादव ने पोस्ट करते हुए लिखा अब भाजपा सरकार बताए कि पीडीए समाज के एक चाय वाले को पलायन पर मजबूर करने के लिए कौन जिम्मेदार है. एक आम चाय वाले पर अत्याचार करके लखनऊ की सरकार कहीं सांकेतिक रूप से किसी और को तो चुनौती नहीं दे रही है. आर्यन को अपने जीवन और जीवन यापन के लिए चिंता करने या डरने की जरूरत नहीं है. हम सब करोड़ों पीडीए के लोग उसके साथ हैं.  आशा है कि माननीय मुख्यमंत्री जी इस तुच्छतापूर्ण व्यवहार का संज्ञान लेते हुए इस मामले से जुड़े हुए अराजक तत्वों और अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई करेंगे और अपने राज्य पर लगने वाले पलायन के दाग से बचेंगे. नहीं तो लोग कहेंगे कि जो मुख्यमंत्री जी एक आम चाय वाले की रक्षा अपने दल के अवांछनीय तत्वों से नहीं कर सकते वह पूरे प्रदेश को क्या चलाएंगे. अगर मुख्यमंत्री जी को अपने दल के उस असामाजिक तत्व का नाम नहीं पता तो हम बता देंगे. अगर फिर भी कुछ नहीं हुआ तो हम आर्यन के रोजगार के लिए पुख्ता व्यवस्था करेंगे क्योंकि हमें उसके हाथ की बनी और प्रेम से भरी चाय बहुत अच्छी लगी

क्या है पूरा मामला?

आर्यन यादव का आरोप है कि अखिलेश यादव के उनकी दुकान पर चाय पीने के बाद से ही उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. आर्यन के अनुसार, फूड इंस्पेक्टर धीरज ने उनकी दुकान पर आकर लाइसेंस की जांच के नाम पर धमकाया. उन्होंने एल्युमीनियम के बर्तनों के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई और बिना प्रक्रिया का पालन किए चाय का सैंपल ले लिया. इसके बाद कुछ दबंगों ने दुकान पर आकर आर्यन और उनके परिवार के साथ बुरी तरह मारपीट की और तोड़फोड़ की.

पलायन को मजबूर

आर्यन का कहना है कि पिछले 35 सालों से उनकी दुकान पर कभी कोई समस्या नहीं आई. लेकिन पिछले दो महीनों से वे लगातार उत्पीड़न झेल रहे हैं. जान से मारने की धमकियों और झूठे मुकदमों में फंसाने के डर से अब वे अपना घर-बार छोड़कर गांव लौटने को मजबूर हैं. उन्होंने स्थानीय पुलिस प्रशासन और जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है.