उत्तर प्रदेश की सियासत में मिशन 2027 को लेकर हलचल तेज हो गई है. बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही पार्टी का मुख्य चेहरा होंगे. इसी बीच, 'दैनिक भास्कर' का एक सर्वे सामने आया है, जिसमें प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर जनता का मूड भांपने की कोशिश की गई है. सर्वे के नतीजे संकेत दे रहे हैं कि अगर आज चुनाव हुए तो योगी आदित्यनाथ तीसरी बार सत्ता में वापसी कर सकते हैं. हालांकि बीजेपी के सहयोगी दलों के लिए स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.
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दैनिक भास्कर के सर्वे के अनुसार, 403 सीटों वाली उत्तर प्रदेश विधानसभा में दलीय स्थिति कुछ इस प्रकार रह सकती है:
- बीजेपी (BJP): 256 सीटें (पिछले चुनाव के मुकाबले 02 सीटों का नुकसान)
- समाजवादी पार्टी (SP): 135 सीटें (28 सीटों का बड़ा फायदा)
- आरएलडी (RLD): 04 सीटें (05 सीटों का नुकसान)
- अपना दल (S): 03 सीटें (10 सीटों का भारी नुकसान)
- निषाद पार्टी: 01 सीट (04 सीटों का नुकसान)
- जनसत्ता दल लोकतांत्रिक (JDL): 01 सीट (01 सीट का नुकसान)
- कांग्रेस: 02 सीटें (कोई बदलाव नहीं)
- बसपा (BSP): 01 सीट (कोई बदलाव नहीं)
- सुभासपा (SBSP): 00 सीट (06 सीटों का पूरा नुकसान)
सहयोगी दलों को बड़ा झटका, राजभर का खाता भी नहीं!
दैनिक भास्कर के सर्वे में सबसे चौंकाने वाला पहलू बीजेपी के सहयोगी क्षेत्रीय दलों का निराशाजनक प्रदर्शन है. सर्वे के मुताबिक, ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा का खाता भी खुलता नजर नहीं आ रहा है, जिसे पिछली बार की 6 सीटों के मुकाबले शून्य पर सिमटना पड़ सकता है. वहीं, अनुप्रिया पटेल की अपना दल (S) भी 13 से घटकर महज 3 सीटों पर आती दिख रही है. गठबंधन में शामिल आरएलडी को भी 5 सीटों के नुकसान का अनुमान है.
अखिलेश यादव की सपा को जबरदस्त उछाल
विपक्ष के तौर पर समाजवादी पार्टी की स्थिति इस सर्वे में काफी मजबूत नजर आ रही है। अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा 135 सीटों तक पहुँचती दिख रही है, जो पिछले चुनाव की तुलना में 28 सीटों की बड़ी बढ़त है। सर्वे के विश्लेषण के अनुसार, ब्रज, बुंदेलखंड और अवध जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सपा, बीजेपी को कड़ी टक्कर देते हुए बेहतर प्रदर्शन कर रही है।
क्षेत्रवार राजनीतिक समीकरण
- पश्चिमी यूपी: यहाँ बीजेपी बढ़त बनाती दिख रही है, जबकि सपा के लिए यहाँ नुकसान का अनुमान है।
- पूर्वांचल: इस क्षेत्र में बीजेपी और सपा दोनों अपनी स्थिति मजबूत कर रही हैं, लेकिन यहाँ भी क्षेत्रीय दलों को भारी घाटा हो रहा है।
- राजा भैया (कुंडा): जनसत्ता दल के रघुराज प्रताप सिंह अपनी परंपरागत कुंडा सीट पर जीतते दिख रहे हैं, लेकिन उनकी पार्टी की दूसरी सीट (बाबागंज) उनके हाथ से खिसक सकती है।
सर्वे की मानें तो योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता के दम पर सरकार की वापसी तय दिख रही है, लेकिन विपक्ष के रूप में अखिलेश यादव का बढ़ता कद बीजेपी के लिए चुनौती पेश कर सकता है. हालांकि, अभी टिकटों के बंटवारे और अंतिम गठबंधन रणनीतियों के बाद समीकरणों में और बदलाव संभव है.
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