Bareilly education department enrollment crisis: बरेली जनपद के सरकारी विद्यालयों में लगातार गिरते नामांकन को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग सख्त हो गया है. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. विनीता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिन स्कूलों में छात्र संख्या नहीं बढ़ेगी, वहां के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों का वेतन रोक दिया जाएगा. इस निर्देश के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है.
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समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया कि कई प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 1 और कक्षा 6 में नामांकन पूरी तरह शून्य है. प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं. आंकड़ों के अनुसार, जिले में कक्षा 1 के 467 और कक्षा 6 के 87 विद्यालय ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जहां एक भी छात्र का दाखिला नहीं हुआ है.
बीएसए ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल शिक्षकों ही नहीं, बल्कि संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी. यदि उनके स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी.
नामांकन की यह स्थिति प्रेरणा पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों से सामने आई है. बीएसए ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करें.
बीएसए डॉ. विनीता ने कहा कि “शत-प्रतिशत नामांकन हमारा लक्ष्य है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.” अब यह देखना अहम होगा कि इस सख्ती के बाद स्कूलों में नामांकन की स्थिति कितनी सुधरती है.
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