फतेहपुर में युवक के सामने 3 लड़कों ने उसकी मंगेतर का 3 घंटों तक किया गैंगरेप... दरिंदगी की कहानी तो इसके बाद शुरू हुई

Fatehpur Gang Rape News: यूपी के फतेहपुर में तीन युवकों ने युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और मंगेतर से ऑनलाइन पैसे वसूले. पुलिस ने दो को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है.

Fatehpur Crime News

यूपी तक

29 Apr 2026 (अपडेटेड: 29 Apr 2026, 04:18 PM)

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फतेहपुर से सामने आई एक घटना ने कानून-व्यवस्था पर सवालों का बौछार कर दी है. यहां खागा कोतवाली इलाके में एक यवक के सामने उसकी मंगेतर के साथ तीन दरिंदों ने घंटों तक हैवानियत की हदें पार कीं. इस मामले में पुलिस की संवेदनहीनता ने पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है.

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भीषण गर्मी और वो काली शाम

घटना बीते शुक्रवार की है. 20 साल की युवती अपने मंगेतर के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने एक रिश्तेदार के घर जा रही थी. चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के कारण वे रास्ते में एक जगह रुके. उन्हें क्या पता था कि गर्मी से बचने की यह चंद मिनटों की कोशिश उनकी जिंदगी का सबसे काला अध्याय बन जाएगी. तभी वहां दो युवक पहुंचे और बिना किसी वजह के गाली-गलौज करने लगे.

आरोप है कि उन दो युवकों ने पहले मंगेतर को बुरी तरह पीटा और उसे बंधक बना लिया. इसके बाद उन्होंने अपने एक और साथी को फोन कर मौके पर बुला लिया. अगले तीन घंटों तक उन तीनों ने युवती के साथ बारी-बारी से गैंगरेप किया. हैवानियत यहीं नहीं रुकी. उन दरिंदों ने गैंगरेप का वीडियो बनाया और मंगेतर से डरा-धमकाकर 2500 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी करवा लिए. जाते-जाते उन्होंने पीड़ितों से जबरन एक वीडियो रिकॉर्ड करवाया कि उनके साथ कुछ नहीं हुआ है, ताकि वे पुलिस के पास न जा सकें.

एसपी की सख्ती के बाद दर्ज हुआ केस

आरोप है कि खौफजदा और टूटे हुए पीड़ित जब स्थानीय खागा कोतवाली पहुंचे तो वहां की पुलिस ने उनकी मदद करने के बजाय उनके साथ बुरा व्यवहार किया और शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया. थक-हारकर रविवार को पीड़ितों ने फतेहपुर एसपी अभिमन्यु मांगलिक से मुलाकात की. एसपी की सख्ती के बाद मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस एक्शन में आई.

डिजिटल सबूतों से फंसे गए दरिंदे

आरोपियों ने जो 2500 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए थे, वही उनके गले की फांस बन गए. ट्रांजेक्शन डिटेल और शिनाख्त के आधार पर पुलिस ने ललित (29) और युवराज सिंह (28) को दबोच लिया. हालांकि, मुख्य आरोपी बबलू सिंह (33) अब भी फरार है. पुलिस ने उस पर 50000 रुपये का इनाम घोषित किया है.

लापरवाही बरतने के आरोप में SHO आरके पटेल को लाइन हाजिर और चौकी इंचार्ज अनीश सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है. वहीं, मामले ने अब राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है. मुख्य आरोपी के सत्ताधारी दल से जुड़े होने के आरोपों के बीच समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित के घर पहुंचा और न्याय की मांग की. पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें केस वापस लेने के लिए धमकियां और पैसों का लालच दिया जा रहा है.