सूर्य प्रताप को गोलियों से छलनी करने वाले मंजीत की एक दूसरी ही कहानी निकाल लाया उसका भाई! केस में ट्विस्ट

यूपी कॉलेज हत्याकांड में नया मोड़: आरोपी मंजीत चौहान के भाई का सनसनीखेज दावा, "2 साल से हो रही थी रैगिंग और जातिसूचक टिप्पणी", 'माफिया' नाम के पीछे की बताई असली कहानी.

रोशन जायसवाल

23 Mar 2026 (अपडेटेड: 23 Mar 2026, 12:30 PM)

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वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज में हुए सनसनीखेज सूर्य प्रताप सिंह हत्याकांड में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है.  पिछले हफ्ते बीएससी के छात्र की दिनदहाड़े हत्या करने वाले आरोपी मंजीत चौहान को कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है. इस बीच, सोशल मीडिया पर एक युवक सामने आया है. इस युवक का दावा है कि वो मंजीत चौहान का छोटा भाई है. युवक ने एक वीडियो बनाकर पोस्ट किया है, जिसमें उसने कई ऐसी बातें कही हैं जिनसे हत्याकांड की परतें और उलझ गई हैं. 

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इंस्टाग्राम पर Wealsoneedjustice नाम के एकाउंट से जारी 2 मिनट 43 सेकेंड के वीडियो में युवक ने कहा, "मैं मंजित चौहान का भाई हूं. जैसा न्यूज पर दिखाया जा रहा है कि मेरे भाई ने मर्डर किया है, तो ये बात सच है कि मेरे भाई ने मर्डर किया है. बट इसके पीछे की सच्चाई आपको नहीं पता. दो सालों से उसको परेशान किया जा रहा था. सूर्य प्रताप और उसके हाॅस्टल के छात्र, सीनियर रोज उसकी रैगिंग किया करते थे. मेरे भैया को डराते-धमकाते थे. उनको कहा जाता था कि तू चौहान नहीं, नोनिया राजपूत है. इन चीजों को लेकर उसको रोज परेशान किया जाता था."

युवक ने आगे कहा, "एक बार, दो बार और तीन बार नहीं, 2 सालों से होता चला आ रहा था. एंड में मेरे भैया ने ये कदम उठाया. हमारे वंशज पृथ्वीराज चौहान जी हैं उन्होंने भी मोहम्मद गौरी को काफी बार क्षमा किया था. सेम चीज मेरे भाई ने सूर्या के साथ की और जब सहने की क्षमता नहीं थी तो जाकर ये कदम उठाया."

'मेरे भाई ने खुद सरेंडर किया'

वीडियो में आगे कहा गया, "मेरे भाई ने खुद जाकर वकीलों और कोर्ट के जरिए सरेंडर किया था न कि वे भागा. माफिया लगाने के पीछे एक वेब सीरीज है जिसका नाम कर्स्ड कट्टा है. उसमें भैया ने स्पाॅट बॉय का काम किया था. वेब स्टोरी के नकली कट्टे की उन्होंने स्टोरी पोस्ट की थी, उसके रिगार्डिंग पुलिस उनको पुलिस स्टेशन ले गई थी कि तुम्हारें पास कट्टा कहा से आया? तब जाकर भैया ने बताया कि ये नकली कट्टा है. पुलिस ने कहा था कि तुझे माफिया बनने का ज्यादा शौक है. भैया को वहां से छोड़ दिया गया क्योंकि सारी बाते नकली थी."

मंजीत क्यों लिखने लगा नाम के माफिया?

युवक ने कहा, "इसके बाद दोस्त चिढ़ाने लगे भैया को माफिया, माफिया, माफिया. फिर वे माफिया अपने नाम के साथ लगाने लगे. कुछ न्यूज चैनल पर ये दिखाया जा रहा है कि उन्हें माफिया बनने का शौक था. उन्होंने अपने इंस्टा वाॅल पर लिख भी रखा था कि आपका सम्मान तबतक है जबतक हमारे स्वाभिमान को ठेस न पहुंचे, इसमें लगत क्या है?"

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