वाराणसी के उदय प्रताप (यूपी) कॉलेज में बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह की दिनदहाड़े हत्या करने वाला मंजीत चौहान अब पुलिस की गिरफ्त में है. शनिवार को जब उसे भारी सुरक्षा के बीच वाराणसी कोर्ट के रिमांड मजिस्ट्रेट स्पेशल जज सौम्या पांडे की अदालत में पेश किया गया, तो उसकी हालत देख हर कोई दंग रह गया. चेहरे पर मास्क और लंगड़ाती चाल के साथ मंजीत बेबस नजर आया. कोर्ट ने उसे 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है.
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क्यों लंगड़ा रहा है मंजीत? पुलिस ने किया ये दावा
मंजीत की इस हालत को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन पुलिसिया सूत्रों के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के बाद मंजीत मुख्य गेट से भागने के बजाय पकड़े जाने के डर से छत से कूद गया था. छत काफी ऊंची होने के कारण उसके पैर में गंभीर चोट आई. टूटे पैर के साथ वह एक ई-रिक्शे के सहारे डॉक्टर के पास भी गया और फिर चांदमारी रोड स्थित अपने घर की तरफ भागा, जहां से पुलिस ने उसे धर दबोचा.
जांच में सामने आया है कि मंजीत और सूर्य प्रताप के बीच पहले से ही वर्चस्व की जंग चल रही थी. बताया जा रहा है कि सूर्य प्रताप पहले मंजीत की कई बार पिटाई कर चुका था. इसी का बदला लेने के लिए मंजीत ने पूरी साजिश रची. हत्या से महज कुछ घंटे पहले उसने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी लगाई थी, जिसमें अपनी फोटो के साथ बड़े अक्षरों में 'मंजीत माफिया' लिखा था और बंदूक का इमोजी भी लगाया था.
खौफनाक वीडियो- गिरते ही ऊपर चढ़कर मारी गोली
वारदात के समय का एक दहला देने वाला वीडियो भी वायरल हुआ है. वीडियो में दिख रहा है कि गैलरी में गोली लगने के बाद जब सूर्य प्रताप निढाल होकर गिर पड़ता है, तब भी मंजीत उसके ऊपर चढ़कर गोलियां चलाता है. वह इतनी बेरहमी पर उतारू था कि बीच में पिस्तौल ठीक करता है ताकि और गोलियां दाग सके. इसी दौरान एक छात्रा की आवाज आती है 'मर गया ना वो.'
प्रिंसिपल ऑफिस से निकलते ही किया हमला
कॉलेज के छात्रों का दावा है कि प्रिंसिपल ने दोनों गुटों के विवाद को सुलझाने के लिए मंजीत और सूर्य प्रताप को दफ्तर बुलाया था. जैसे ही दोनों बाहर निकले, मंजीत ने हमला कर दिया. इस घटना के बाद कैंपस में भारी बवाल हुआ, जिसमें छात्रों ने दुकानों और गाड़ियों में तोड़फोड़ की. छात्रों के गुस्से के शिकार एक टीचर भी हुए, जिनका सिर फूट गया.
मंजीत का फैमली बैकग्राउंड है कमजोर
मंजीत का पारिवारिक बैकग्राउंड काफी कमजोर बताया जा रहा है. उसके पिता एक छोटी सी दुकान चलाते हैं. इस मामले में मंजीत के साथी अनुज ठाकुर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज है. जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. पुलिस अब अनुज की तलाश में जुटी है.
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