Sambhal News: संभल में सपा विधायक नवाब इकबाल महमूद के नाम पर दर्ज जमीन पर बने हुए तीन मंजिला मकान को प्रशासन ने अवैध निर्माण घोषित कर दिया है. अवैध निर्माण को हटाने के लिए एसडीएम के द्वारा जारी किए गए आदेश के विरुद्ध की गई अपील को जिलाधिकारी की कोर्ट ने खारिज करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश को बरकार रखा है. इसके बाद प्रशासन ने पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर तीन मंजिला अवैध निर्माण पर नोटिस चस्पा किया है. जिसमें प्रशासन के द्वारा 15 दिन के भीतर खुद ही अवैध निर्माण नहीं हटाने पर कार्यवाही की चेतावनी दी है.
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दरअसल संभल विनिमय क्षेत्र कार्यालय के जेई की रिपोर्ट के आधार पर 22 जून 2022 को मैंने क्षेत्र कार्यालय की तरफ से मोहम्मद आरिफ, अय्यूब और मुतवल्ली नवाब इकबाल महमूद के नाम पर दर्ज जमीन पर 56×60 फिट क्षेत्रफल में बने हुए तीन मंजिला मकान को लेकर नोटिस जारी किया गया था. विनिमय क्षेत्र के जेई की रिपोर्ट के आधार पर तीन मंजिला मकान को बिना नक्शा पास कारण निर्माण करने को लेकर अवैध निर्माण माना गया था. जिसके बाद इस मामले को लेकर सुनवाई शुरू हुई तो एसडीएम विकास चंद्र के द्वारा 5 फरवरी 2026 को तीन मंजिला मकान को अवैध मानते हुए अवैध निर्माण घोषित कर दिया था और उत्तर प्रदेश अरबी एक्ट 1958 की धारा 10 के तहत हटाने का आदेश जारी किया गया था.
मगर संबंधित पक्ष के द्वारा एसडीएम के आदेश के खिलाफ 17 मार्च 2026 को जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल की कोर्ट में अपील दायर की गई थी. यहां जिलाधिकारी की कोर्ट ने भी तीन मंजिला मकान को अवैध निर्माण मानते हुए 11 अगस्त 2026 को एसडीएम के आदेश के खिलाफ की गई अपील को खारिज कर दिया है और एसडीएम के द्वारा पूर्व में जारी किए गए आदेश को बरकरार रखा है.
इसके बाद विनिमय क्षेत्र की टीम ने पुलिस फोर्स के साथ डेरा सराय इलाके में स्थित तीन मंजिला मकान के अवैध निर्माण पर नोटिस चस्पा किया है. इसमें प्रशासन के द्वारा तीन मंजिला मकान के अवैध निर्माण को हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है और 15 दिन के भीतर अवैध निर्माण नहीं हटाई जाने पर प्रशासन के एक्शन का अल्टीमेटम भी दिया गया है. प्रशासन की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है.
एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि विनिमय क्षेत्र संभाल के अंतर्गत मोहम्मद आरिफ और मोहम्मद अयूब को 22 जून 2022 को नोटिस दिया गया था, जिसमें आरबी एक्ट की धारा 10 के तहत सुनवाई चली और 5 फरवरी 2026 को विनिमय क्षेत्र के नियत प्राधिकारी के द्वारा आदेश पारित किया गया. इसके बाद इस आदेश के विरुद्ध जिलाधिकारी की कोर्ट में अपील की गई थी जो जिलाधिकारी कोर्ट से 11 अगस्त 2026 को निरस्त की गई है. एसडीएम के आदेश को सही माना गया है और अवैध निर्माण को हटाने का आदेश जारी किया गया है. उसी क्रम में नोटिस चस्पा किए गए हैं और 15 दिन का समय अवैध निर्माण को हटाने के लिए दिया गया है.
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