19 साल के गौरीशंकर ने खुद की किडनैपिंग का किया नाटक, घरवालों से मंगा लिए 500000 रुपये पर इस गलती से पकड़ा गया!

यूपी तक

• 03:07 PM • 17 Aug 2026

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के 19 साल के लड़के ने पुणे में पैसे जुटाने के लिए अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रच दी. लड़के ने अपने रिश्तेदारों और बड़े भाई को रोते हुए वीडियो भेजकर बताया कि उसका अपहरण हो गया है और उसे छोड़ने के लिए 5 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं.

Banda Gaurishankar Fake Kidnapping Case

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Banda Gaurishankar Fake Kidnapping Case: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के 19 साल के लड़के ने पुणे में पैसे जुटाने के लिए अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रच दी. लड़के ने अपने रिश्तेदारों और बड़े भाई को रोते हुए वीडियो भेजकर बताया कि उसका अपहरण हो गया है और उसे छोड़ने के लिए 5 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं. परिवार ने घटना को सच मानकर पुलिस से संपर्क किया. इसके बाद पुणे पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर तलाश शुरू की तो लड़के किसी सुनसान जगह के बजाय एक लॉज में आराम से मिला.

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खर्च के लिए नहीं थे पैसे तो बनाया ये प्लॉन

आरोपी लड़के की पहचान ओम प्रकाश गौरीशंकर के रूप में हुई है. वह उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बबेरू तालुका के जलालपुर गांव का रहने वाला है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक गौरीशंकर पुणे आया था, लेकिन उसके पास नौकरी नहीं थी और अपने रोजमर्रा के खर्चों के लिए उसे अक्सर पैसों की कमी का सामना करना पड़ता था. इसके बाद उसने परिवार से पैसे हासिल करने की योजना बनाई और खुद के अपहरण की कहानी तैयार कर दी.

रोते हुए VIDEO भेजकर परिवार को डराया

गौरीशंकर ने अपने रिश्तेदारों और बड़े भाई को बताया कि वह अपहरणकर्ताओं के कब्जे में है. उसने दावा किया कि उसे छोड़ने के लिए 5 लाख रुपये की मांग की जा रही है. परिवार को यकीन दिलाने के लिए उसने अपना एक वीडियो भी भेजा, जिसमें वह रोता हुआ दिखाई दे रहा था. वीडियो देखकर परिजन घबरा गए और उन्हें लगा कि लड़के वास्तव में किसी मुसीबत में है.

परिवार ने पुलिस से की शिकायत

अपहरण की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने उत्तर प्रदेश में पुलिस से संपर्क किया. शिकायत मिलने पर शाहजहांपुर पुलिस ने पुणे पुलिस को घटना की जानकारी दी. उन्हें बताया गया कि उत्तर प्रदेश के एक लड़के का पुणे में अपहरण हो गया है और उसे छोड़ने के लिए 5 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं. सूचना मिलते ही पुणे पुलिस ने लड़के और अपहरणकर्ताओं की तलाश शुरू कर दी.

मोबाइल लोकेशन से खड़की पहुंची पुलिस

16-17 अगस्त की रात से 17 अगस्त की सुबह तक पुणे पुलिस की अलग-अलग टीमें तलाश में जुटी रहीं. रात की गश्त पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी अभियान में लगाया गया. इसी दौरान अगवा किए गए लड़के का मोबाइल नंबर पुलिस को मिला. बंड गार्डन पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने मोबाइल नंबर को ट्रैक किया तो उसकी लोकेशन पुणे के खड़की इलाके में मिली. इसके बाद पुलिस टीमों ने इलाके में तलाशी तेज कर दी.

लॉज पहुंची पुलिस तो खुल गई पूरी कहानी

पुलिस की टीमों ने रात की गश्त पर तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों और मार्शल के साथ मिलकर खड़की स्थित क्राउन प्लाज़ा लॉजिंग में छापा मारा. वहां पुलिस को गौरीशंकर मिल गया. हैरानी की बात यह थी कि जिस लड़के के अपहरण को लेकर परिवार परेशान था, वह लॉज में आराम से मौजूद था. शुरुआती जांच में सामने आया कि उसका कोई अपहरण नहीं हुआ था. पुलिस के मुताबिक, लड़के ने परिवार से पैसे हासिल करने के लिए कथित तौर पर पूरी कहानी खुद रची थी.