हरदोई में 21 साल के अरुण को जहरीले सांप ने काट लिया, युवक की जान बचाने के लिए बड़े भाई ने उसे मारे 150 थप्पड़!

प्रशांत पाठक

• 09:47 AM • 17 Aug 2026

उत्तर प्रदेश के हरदोई में सांप के डसने के बाद एक 21 साल के लड़के की हालत इतनी गंभीर हो गई कि परिवार के लोगों की सांसें अटक गईं. देहात कोतवाली क्षेत्र के ज्योति नगर निवासी अरुण खेत में पानी लेकर गए थे. घास की बोरी उठाते समय उसमें छिपे जहरीले सांप ने उसे डस लिया.

Hardoi Snake Bite Case

Hardoi Snake Bite Case (Photo: AI Generated)

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Hardoi Snake Bite Case: उत्तर प्रदेश के हरदोई में सांप के डसने के बाद एक 21 साल के लड़के की हालत इतनी गंभीर हो गई कि परिवार के लोगों की सांसें अटक गईं. देहात कोतवाली क्षेत्र के ज्योति नगर निवासी अरुण खेत में पानी लेकर गए थे. घास की बोरी उठाते समय उसमें छिपे जहरीले सांप ने उसे डस लिया. हालत बिगड़ने पर बड़े भाई आकाश ने उसे संभाला और अस्पताल पहुंचाने की कोशिश शुरू की. मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने अरुण को सोने नहीं देने की सलाह दी. इसके बाद आकाश ने पानी के छींटे मारने के साथ करीब 150 थप्पड़ मारकर भाई को जगाए रखा. समय पर इलाज मिलने और 15 एंटी-वेनम डोज दिए जाने के बाद अरुण की हालत में सुधार हुआ.

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घास की बोरी उठाते ही सांप ने डसा

शनिवार दोपहर अरुण खेत में पानी लेकर गए थे. बताया गया कि घास की बोरी उठाने के दौरान उसमें छिपे सांप ने उसे डस लिया. अरुण के चीखने की आवाज सुनकर उनके भाई आकाश मौके पर पहुंचे. उन्होंने किसी तरह अरुण को सड़क तक पहुंचाया. इसी दौरान एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी गई. हालत लगातार बिगड़ने के बीच प्रगति नगर निवासी मेडिकल स्टोर संचालक शिवम शर्मा वहां से गुजर रहे थे. उन्होंने दोनों भाइयों से घटना के बारे में पूछा और तुरंत अपनी बाइक से अरुण को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया.

डॉक्टरों ने कहा- मरीज को सोने न दें

मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में ईएमओ डॉ. शेर सिंह और उनकी पांच सदस्यीय टीम ने तत्काल इलाज शुरू किया. डॉक्टरों ने परिजनों को अरुण को सोने नहीं देने की सलाह दी. इसके बाद आकाश लगातार भाई पर नजर बनाए रहे. उन्होंने पानी के छींटे मारकर और करीब 150 थप्पड़ लगाकर अरुण को जगाए रखा. डॉक्टर शेर सिंह के मुताबिक, आमतौर पर सांप के काटने पर पांच एंटी-वेनम इंजेक्शन दिए जाते हैं, लेकिन अरुण के शरीर में जहर का गंभीर असर दिखाई दे रहा था. इसलिए दो घंटे के भीतर उसे कुल 15 एंटी-वेनम डोज दी गईं.

शिवम ने बाइक से पहुंचाया अस्पताल

समय पर मेडिकल कॉलेज पहुंचने और तुरंत उपचार मिलने से अरुण की हालत में सुधार आया. परिवार ने इलाज करने वाली मेडिकल टीम के साथ शिवम शर्मा का भी आभार जताया. शिवम ने बताया, 'मैं अपने मेडिकल स्टोर के लिए सुबह अपने घर से निकला था. देखा कि ये तड़प रहे थे, तो इनके भाई से पूछा कि क्या हुआ? उन्होंने बताया कि इसे सांप ने काट लिया है. मैंने आनन-फानन में अपनी बाइक पर इन्हें बैठाया और तुरंत मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया.' इस पूरे घटनाक्रम में भाई की तत्परता, शिवम की मदद और डॉक्टरों के समय पर इलाज से अरुण की जान बच सकी.