गाजियाबाद के मंडोली में BIS की बड़ी कार्रवाई, 2,350 एल्युमिनियम फॉयल पेपर रोल जब्त; बिना लाइसेंस ISI मार्क के इस्तेमाल पर छापा

यूपी तक

• 11:48 AM • 18 Aug 2026

गाजियाबाद, 17 अगस्त 2026: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), गाजियाबाद शाखा कार्यालय (GZBO) ने भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 के उल्लंघन संबंधी प्राप्त सूचना के आधार पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मंडोली क्षेत्र स्थित एक इकाई पर प्रवर्तन कार्रवाई की.

BIS raid Mandoli

BIS raid Mandoli (Photo: AI Generated)

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गाजियाबाद, 17 अगस्त 2026: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), गाजियाबाद शाखा कार्यालय (GZBO) ने भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 के उल्लंघन संबंधी प्राप्त सूचना के आधार पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मंडोली क्षेत्र स्थित एक इकाई पर प्रवर्तन कार्रवाई की. इस कार्रवाई के दौरान लगभग 2,350 एल्युमिनियम फॉयल पेपर रोल जब्त किए गए. तलाशी एवं जब्ती (Search & Seizure) की यह कार्रवाई BIS अधिनियम, 2016 की धारा 28 के अंतर्गत की गई.

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प्रवर्तन टीम का नेतृत्व शैलेंद्र कुमार वर्मा, वैज्ञानिक-‘सी’ एवं उप निदेशक, तथा राज कुमार, वैज्ञानिक-‘बी’ एवं सहायक निदेशक द्वारा किया गया. भारतीय मानक ब्यूरो, गाजियाबाद शाखा कार्यालय के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ टीम ने मंडोली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली स्थित संबंधित इकाई पर तलाशी अभियान चलाया.

तलाशी के दौरान इकाई परिसर से लगभग 2,350 एल्युमिनियम फॉयल पेपर रोल पाए गए, जिन्हें आगे की जांच एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई हेतु जब्त कर लिया गया. कार्रवाई के दौरान संबंधित उत्पादों, उनके निर्माण/भंडारण तथा BIS मानकों के अनुपालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज एवं अभिलेखों की भी जांच की गई.

उल्लेखनीय है कि एल्युमिनियम फॉयल से संबंधित उत्पाद के लिए Quality Control Order (QCO) वर्ष 2020 में अधिसूचित किया जा चुका है. इसके अंतर्गत संबंधित उत्पाद का निर्माण निर्धारित भारतीय मानक के अनुरूप तथा वैध BIS लाइसेंस के तहत ISI Mark के साथ ही किया जाना अनिवार्य है. अतः कोई भी उद्योग वैध BIS लाइसेंस/ISI Mark के बिना इस अनिवार्य प्रमाणन के अंतर्गत आने वाले उत्पाद का निर्माण नहीं कर सकता. मामले में उपलब्ध तथ्यों एवं जब्त सामग्री के आधार पर BIS अधिनियम, 2016 तथा लागू Quality Control Order के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

 जी. भवानी, वैज्ञानिक-‘एफ’, वरिष्ठ निदेशक एवं प्रमुख, गाजियाबाद शाखा कार्यालय (GZBO), भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने बताया कि संबंधित फर्म के विरुद्ध BIS अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

भारतीय मानक ब्यूरो ने उपभोक्ताओं एवं उद्योगों से अपील की है कि वे अनिवार्य प्रमाणन के अंतर्गत आने वाले उत्पादों की प्रामाणिकता एवं BIS लाइसेंस की वैधता की जांच अवश्य करें. BIS मानकों अथवा ISI चिन्ह के दुरुपयोग से संबंधित किसी भी शिकायत की सूचना BIS CARE App, ई-मेल gzbo@bis.gov.in अथवा भारतीय मानक ब्यूरो, गाजियाबाद शाखा कार्यालय को दी जा सकती है. शिकायतकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी.