ICICI बैंक के बाहर असल में क्या हुआ था? प्रज्ञा मिश्रा ने बता दी हमले से जुड़ी एक-एक बात

आयशा शेख़

• 07:39 PM • 20 Aug 2026

लखनऊ के गोमतीनगर में ICICI बैंक के बाहर डिप्टी मैनेजर दिव्या मिश्रा की हत्या के बाद उनकी बहन प्रज्ञा मिश्रा ने घटना को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं. प्रज्ञा के मुताबिक, आरोपी पति दो रिवॉल्वर लेकर दिव्या की रेकी कर रहा था और बैंक के बाहर उन पर फायरिंग की.

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लखनऊ के गोमतीनगर स्थित ICICI बैंक के बाहर डिप्टी मैनेजर दिव्या मिश्रा की हत्या ने हर किसी को झकझोर दिया. दिव्या रोज की तरह सुबह करीब 9 बजे बैंक पहुंची थीं. उन्हें शायद अंदाजा भी नहीं था कि बैंक के बाहर ही उनका पति घात लगाए बैठा है.

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दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि दिव्या पति की कथित तौर पर परेशान करने वाली हरकतों और उसकी बहन की बीमारी के चलते अलग रह रही थीं. घटना वाले दिन भी वह अपने काम में व्यस्त थीं और कुछ चेक कलेक्ट करने के लिए एक सहकर्मी के साथ बैंक से बाहर गई थीं.

बैंक के बाहर पति ने की रेकी?

प्रज्ञा के मुताबिक, दिव्या जब बैंक पहुंची थीं, तब उनका पति कथित तौर पर दो रिवॉल्वर लेकर ऑटो से उनकी रेकी कर रहा था. दिव्या के बैंक के गेट पर पहुंचते ही उसने पहली रिवॉल्वर से फायरिंग कर दी.

प्रज्ञा का दावा है कि गोली चलाने के बाद आरोपी ने रिवॉल्वर की बट से दिव्या के चेहरे और सिर पर कई वार किए. अचानक हुई फायरिंग से बैंक के बाहर मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई. लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.

फिर निकाली दूसरी रिवॉल्वर

प्रज्ञा के मुताबिक, हमलावर यहीं नहीं रुका. उसने दूसरी रिवॉल्वर निकाली और उससे भी फायर किया. इस हमले में दिव्या के माथे पर गंभीर चोटें आईं. प्रज्ञा ने अपनी बहन के साथ हुई इस वारदात को याद करते हुए कहा कि दिव्या के माथे पर बड़े-बड़े घाव थे. घटना के बाद बैंक के बाहर का माहौल डरावना हो गया था. 

हालांकि, पुलिस की जांच में घटना के दौरान कितने हथियार इस्तेमाल हुए और फायरिंग किस तरह हुई, इसकी पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी.

'दिव्या, तुम अब नहीं हो... यकीन करना मुश्किल है'

बहन की मौत के बाद प्रज्ञा का दर्द शब्दों में साफ नजर आया. उन्होंने कहा, "दिव्या मेरी बहन, तुम अब नहीं हो... ये यकीन कर पाना बहुत मुश्किल है."

प्रज्ञा ने बताया कि दिव्या अपनी मां के बेहद करीब थीं. उन्होंने भावुक होकर कहा कि दिव्या उनकी मां के लिए बेटे जैसी थीं. सबसे मुश्किल पल वह है जब परिवार को खबर बतानी है. प्रज्ञा ने कहा कि उनकी मां का बार-बार फोन आ रहा है, लेकिन उनमें इतनी हिम्मत नहीं है कि वह अपनी मां को बता सकें कि दिव्या अब इस दुनिया में नहीं हैं.

'काश, हम आज पूर्णागिरि घूमने चले गए होते'

दिव्या को याद करते हुए प्रज्ञा ने कहा, "दिव्या, काश कि तुम इतनी सीधी नहीं होतीं... काश के हम आज पूर्णागिरि घूमने चले गए होते."

फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच जारी है. बैंक के बाहर हुई फायरिंग, आरोपी के पास मौजूद हथियार और हमले की पूरी वजह को लेकर पुलिस सबूत जुटा रही है. 

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