मां के इलाज का उठाया खर्च और कराया ऑपरेशन...खुशी दुबे ने हाथ जोड़ अखिलेश यादव के लिए कह दी ये बातें

Who is Khushi Dubey: खुशी दुबे गैंगस्टर विकास दुबे के करीबी सहयोगी अमर दुबे की पत्नी हैं. खुशी और अमर दुबे की शादी 29 जून 2020 को हुई थी. शादी के मात्र 2 दिन बाद बिकरू कांड हुआ था जिसमें 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी.

Khushi Dubey

सिमर चावला

12 Jan 2026 (अपडेटेड: 12 Jan 2026, 11:49 AM)

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Who is Khushi Dubey: बिकरू कांड के आरोपी अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे को शादी के महज दो दिन बाद ही जेल जाना पड़ा था. 2023 में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जब वह बाहर आईं तो परिवार आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था. इसी बीच उनकी मां गायत्री देवी की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई. इलाज की जरूरत होने के बावजूद कमजोर आर्थिक हालात के कारण ऑपरेशन नहीं हो पा रहा था. मदद के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए गए, लेकिन कहीं से कोई सहयोग नहीं मिला. आखिरकार खुशी दुबे ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से संपर्क किया. इसके बाद पार्टी के निर्देश पर लखनऊ के एक अस्पताल में शनिवार को उनकी मां का ऑपरेशन कराया गया. इसके बाद खुशी दुबे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव का धन्यवाद किया है.

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वीडियो शेयर कर अखिलेश यादव को कहा शुक्रिया

अखिलेश यादव से मिली इस बड़ी मदद के बाद खुशी दुबे भावुक हो गईं. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए अखिलेश यादव का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया. वीडियो में खुशी ने बताया कि उनकी मां की हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब कोई साथ नहीं खड़ा था तब अखिलेश यादव ने बड़े भाई की तरह मदद की.

कौन हैं खुशी दुबे

खुशी दुबे गैंगस्टर विकास दुबे के करीबी सहयोगी अमर दुबे की पत्नी हैं. खुशी और अमर दुबे की शादी 29 जून 2020 को हुई थी. शादी के मात्र 2 दिन बाद बिकरू कांड हुआ था जिसमें 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी. 2 जुलाई 2020 को कानपुर के चौबेपुर थाने के बिकरू गांव में दबिश देने गई पुलिस पर विकास दुबे ने साथियों के साथ हमला कर दिया था. इस हमले में DSP समेत 8 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी. मुठभेड़ में मारे गए विकास दुबे का भतीजा और राइट हैंड अमर दुबे घटना के बाद फरार हो गया था. लेकिन 8 जुलाई 2020 को हमीरपुर के मौदाहा में एसटीएफ ने अमर दुबे को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. बिकरू कांड में अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे पर विकास दुबे और उसके साथियों की मदद का आरोप था. बता दें कि बिकरू कांड के बाद खुशी दुबे को नाबालिग होने के बावजूद जेल भेज दिया गया था. करीब ढाई साल जेल की सलाखों के पीछे सजा काटने के बाद उन्हें जमानत मिली थी. जेल से बाहर आने के बाद से ही वह अपने परिवार की स्थिति सुधारने की कोशिश कर रही हैं.

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