कानपुर की यह कोई आम मर्डर मिस्ट्री नहीं है. बल्कि एक पिता के दिमाग की वो दास्तान है जहां डिप्रेशन और सनक ने मिलकर खूनी वारदात को अंजाम दे दिया. कानपुर के किदवई नगर में हुई इस वारदात की कड़ियां किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म के स्क्रीनप्ले जैसी हैं.
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रात का सन्नाटा था. त्रिमूर्ति अपार्टमेंट का कमरा नंबर-401 में जब घड़ी की सुइयां 1:50 पर पहुंचीं, तब एक पिता कातिल बन चुका था. आरोपी शशिरंजन ने सबसे पहले बेटी रिद्धि की हत्या की. सोते समय पहले उसका गला दबाया, फिर उसे चादर पर लिटाकर धारदार चापड़ और हथौड़े से वार कर दिया. लेकिन खौफनाक मंजर अभी बाकी था.पहली हत्या के बाद कातिल पिता में कोई घबराहट नहीं थी. वह वापस बिस्तर पर जाकर लेट गया. करीब 105 मिनट तक वह अपनी दूसरी बेटी की मौत का वक्त आने का इंतजार करता रहा. रात 3:35 बजे उसने बेटी सिद्धि को भी उसी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया.
अलमारी में छिपा था मौत का सामान!
पुलिस तफ्तीश में खुलासा हुआ कि यह कोई आवेश में आकर किया गया कृत्य नहीं था, बल्कि एक ठंडे दिमाग से रची गई साजिश थी. आरोपी ने 5 दिन पहले ही मूलगंज से 500 में एक चापड़ खरीदा था. उसने इस हथियार को घर की अलमारी में कपड़ों के पीछे छिपाकर रखा गया था. पूछताछ में उसने कबूला कि वह पहले भी कई बार हाथ उठा चुका था, लेकिन ऐन वक्त पर पीछे हट जाता था. लेकिन इस बार उसकी सनक जीत गई.
द परफेक्ट फैमिली डिनर और खौफनाक सुबह की क्या है कहानी
वारदात से महज कुछ घंटे पहले की तस्वीर किसी को भी धोखा दे सकती थी. पत्नी रेशमा के मुताबिक, "उस रात सब कुछ नॉर्मल था. शशिरंजन रोज से जल्दी घर आ गया था.हम सबने साथ बैठकर खाना खाया, हंसी-मजाक किया और 10 बजे बच्चियां सोने चली गईं." किसी को अंदाजा नहीं था कि जिस पिता के साथ वे खाना खा रहे हैं, उसकी अलमारी में मौत का हथियार और दिमाग में कत्ल का नक्शा तैयार है.
कातिल का तर्क- मेरे बाद उनका क्या होता?
जब पुलिस ने शशिरंजन को दबोचा, तो उसके चेहरे पर पछतावे की एक लकीर तक नहीं थी. उसने जो तर्क दिया, वह किसी भी स्वस्थ दिमाग के परे है:
तर्क 1: "मुझे लगता था मैं ज्यादा दिन नहीं जीऊंगा, मेरे बाद मेरी बेटियों का क्या होता?"
तर्क 2: उसने अपनी पत्नी पर बेटियों की देखभाल न करने का आरोप मढ़ा.
पुलिस को घर से क्या मिला?
पुलिस को घर से डिप्रेशन की दवाइयां और कुछ नशीले पदार्थ मिले हैं. आरोपी का दावा है कि वह मानसिक बीमारी से जूझ रहा था, लेकिन जिस सफाई से उसने डेढ़ घंटे के गैप में दो कत्ल किए, वह किसी शातिर अपराधी की ओर इशारा करते हैं.
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