Jhansi News: त्तर प्रदेश के झांसी में 24 साल की नवविवाहिता रूबी उर्फ रितु साहू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. रितु की मौत की कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. रितु के मायके वालों का कहना है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को उसके छोटे कद और संतान न होने को लेकर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था. आरोप यह भी है कि तबीयत बिगड़ने के बाद भी ससुराल पक्ष ने समय पर मायके वालों को सूचना नहीं दी. झांसी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. वहीं, ससुराल पक्ष का पक्ष अभी सामने नहीं आया है.
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फरवरी 2024 में हुई थी शादी
झांसी के तालपुरा निवासी जितेंद्र साहू ने अपनी बहन रूबी उर्फ रितु साहू की मौत को हत्या बताते हुए पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि रितु की शादी फरवरी 2024 में मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के चंदेरा निवासी मुकेश साहू से पूरे रीति-रिवाज और परिवार की आर्थिक क्षमता के अनुसार धूमधाम से कराई गई थी. परिवार के मुताबिक, शादी में करीब 8 से 10 लाख रुपये खर्च किए गए थे.
परिजनों ने बताया कि रितु के पिता परशुराम साहू का पहले ही निधन हो चुका था. इसके बाद दोनों भाइयों जितेंद्र और शुभम ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली. उन्होंने बहन की पढ़ाई-लिखाई पूरी कराई और सम्मानपूर्वक उसकी शादी कराई. रितु बीए पास थी और कंप्यूटर का कोर्स करने के बाद काम भी करती थी.
छोटे कद और संतान न होने को लेकर प्रताड़ना का आरोप
मायके पक्ष का कहना है कि शादी से पहले ही उन्होंने रितु के करीब साढ़े चार फुट कद की जानकारी लड़के वालों को स्पष्ट रूप से दे दी थी और लड़की भी दिखाई गई थी. उस समय किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई, लेकिन शादी के कुछ महीने बाद ही ससुराल में उसे प्रताड़ित किया जाने लगा. परिजनों का आरोप है कि सास रितु को उसके छोटे कद और संतान न होने को लेकर लगातार ताने देती थी. इतना ही नहीं, उसे परिवार के साथ शादी-ब्याह और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में भी नहीं ले जाया जाता था, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी.
दहेज को लेकर भी बनाया जाता था दबाव
मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि शादी के बाद दहेज को लेकर भी रितु पर दबाव बनाया जाता था. परिवार का कहना है कि शादी के समय लड़के पक्ष ने मुकेश को आढ़तिया (व्यापारी) बताया था, लेकिन बाद में पता चला कि वह निजी लोडिंग वाहन चलाने का काम करता है. परिजनों का आरोप है कि शादी झूठी जानकारी देकर कराई गई.
'नानी को बताती थी अपना दर्द'
मृतका के ताऊ परमानंद साहू ने बताया कि रितु अपनी पीड़ा अपनी नानी को बताती थी. हालांकि वह परिवार को ज्यादा परेशान नहीं करना चाहती थी, इसलिए अपनी तकलीफों के बारे में खुलकर नहीं बताती थी.
जहर देने का आरोप, सूचना देने में भी देरी का दावा
परिजनों के अनुसार, करीब तीन दिन पहले रितु के शरीर में जहर पहुंचा. उनका आरोप है कि ससुराल पक्ष उसे अलग-अलग अस्पतालों में लेकर जाता रहा, लेकिन मायके वालों को समय पर इसकी जानकारी नहीं दी गई. परिवार का दावा है कि करीब 27 से 28 घंटे बाद उसे झांसी के एक निजी अस्पताल लाया गया और बाद में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया.
बुधवार सुबह जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो पति ने बताया कि रितु का शुगर और ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है. लेकिन बाद में डॉक्टरों ने जहर के सेवन की बात बताई. इलाज के दौरान रितु की मौत हो गई.
सास की भूमिका पर भी उठाए सवाल
परमानंद साहू ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में सास की भूमिका सबसे ज्यादा संदिग्ध है और बेटा भी उसी के कहने पर चलता है. उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है.
पुलिस जांच जारी, ससुराल पक्ष का पक्ष आना बाकी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी. वहीं, इस मामले में ससुराल पक्ष का पक्ष अभी सामने नहीं आया है. ऐसे में आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी.
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