बलिया में बीमार पत्नी और दृष्टिबाधित बेटी की हत्या... पति ने कहा बाहर के लोगों ने मारा, पुलिस ने जांच की तो पलट गई पूरी कहानी!

अनिल अकेला

19 Sep 2026 (अपडेटेड: 19 Sep 2026, 04:21 PM)

बलिया के रसड़ा क्षेत्र में 65 साल की महिला और उसकी 22 साल की दृष्टिबाधित बेटी की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. 17 सितंबर को मुस्तफाबाद गांव में मानती देवी और उनकी बेटी गौरी की बॉडी मिलने के बाद उनके 70 साल के पति रामचीज गुप्ता ने पुलिस को बताया था कि अज्ञात लोगों ने दोनों की हत्या कर दी.

Ballia Mother Daughter Murder Case

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Ballia Mother Daughter Murder Case: बलिया के रसड़ा क्षेत्र में 65 साल की महिला और उसकी 22 साल की दृष्टिबाधित बेटी की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. 17 सितंबर को मुस्तफाबाद गांव में मानती देवी और उनकी बेटी गौरी की बॉडी मिलने के बाद उनके 70 साल के पति रामचीज गुप्ता ने पुलिस को बताया था कि अज्ञात लोगों ने दोनों की हत्या कर दी. शुरुआत में मामला बाहरी हमलावरों से जुड़ा लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस का शक रामचीज पर गया. पुलिस के मुताबिक उसने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर पत्नी और बेटी की हत्या की साजिश रची थी.

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पति ने दी थी अज्ञात हमलावरों की सूचना

मुस्तफाबाद गांव में 17 सितंबर को मां-बेटी की हत्या की सूचना से सनसनी फैल गई थी. घर में 65 साल की मानती देवी और उनकी 22 साल की बेटी गौरी रहती थीं. गौरी दृष्टिबाधित थीं. घटना के बाद रामचीज गुप्ता ने पुलिस को बताया कि अज्ञात लोगों ने घर में घुसकर उसकी पत्नी और बेटी की हत्या कर दी है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए SWAT, सर्विलांस और रसड़ा पुलिस की संयुक्त टीम को जांच में लगाया. घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने पूछताछ शुरू की.

जांच में पति पर घूमी शक की सुई

जांच और पूछताछ आगे बढ़ी तो पुलिस के मुताबिक शक घर के मुखिया रामचीज गुप्ता पर गहराने लगा. पुलिस का दावा है कि रामचीज ने ही पत्नी और बेटी की हत्या की योजना बनाई थी. इसके लिए उसने कथित तौर पर गांव के ही चंदन यादव और दिनेश गुप्ता को अपने साथ शामिल किया.

क्या रामचीज परेशान था?

पुलिस के मुताबिक मानती देवी मानसिक बीमारी से जूझ रही थीं और कई बार बिना कपड़ों के गांव में निकल जाती थीं. वहीं, उनकी बेटी गौरी दृष्टिबाधित थीं. पुलिस का दावा है कि जब मानती देवी घर से बाहर चली जाती थीं, तब गौरी को दूसरों से मांगकर खाना पड़ता था. पुलिस के अनुसार परिवार की इस स्थिति को लेकर रामचीज कथित तौर पर सामाजिक प्रतिष्ठा को लेकर परेशान रहता था. इसी परेशानी को पुलिस हत्या की साजिश के पीछे बताई जा रही वजहों में से एक मान रही है.

मां-बेटी की हत्या का आरोप

पुलिस के मुताबिक16 सितंबर की शाम रामचीज ने चंदन यादव और दिनेश गुप्ता के साथ मिलकर मानती देवी और गौरी की हत्या की. पुलिस का दावा है कि वारदात में धारदार औजार का इस्तेमाल किया गया. हत्या के बाद कथित तौर पर घर में मौजूद खून के निशान साफ करने की कोशिश की गई. पुलिस के अनुसार बेटी गौरी के शव को घर से बाहर ले जाकर खेत में फेंक दिया गया. इसके बाद 17 सितंबर को रामचीज ने पुलिस को दोनों की हत्या की जानकारी दी और इसे अज्ञात लोगों की वारदात बताया. जांच में कथित साजिश सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की दिशा बदल दी.

तीनों आरोपी हुए गिरफ्तार

पुलिस ने रामचीज गुप्ता समेत चंदन यादव और दिनेश गुप्ता को सिधागरघाट के पास से गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर कथित हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार औजार और खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं. अब पुलिस तीनों की भूमिका, हत्या की पूरी साजिश और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है. मां-बेटी की हत्या के इस मामले में पुलिस साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है.