सपा के साथ गठबंधन करेंगी पल्लवी पटेल? यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मजबूत होगा पीडीए

रजत सिंह

• 12:09 PM • 19 Sep 2026

Pallavi Patel or Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश में 2027  में विधानसभा चुनाव होने हैं. तामाम पार्टियां अपनी दावेदारी को मजबूत करने में जुट गई हैं. इसी तैयारी को लेकर राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि अपना दल (कमेरावादी) की कार्यकारी अध्यक्ष और सपा विधायक पल्लवी पटेल एक बार फिर से समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर सकती हैं. 

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Pallavi Patel or Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश में 2027  में विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनावों में दावेदारी को मजबूत करने के लिए तमाम पार्टियां मैदान में उतर चुकी हैं. इसी तैयारी को लेकर राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि अपना दल (कमेरावादी) की कार्यकारी अध्यक्ष और सपा विधायक पल्लवी पटेल एक बार फिर से समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर सकती हैं. 

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जानकारी के अनुसार करीब डेढ़ महीने पहले अखिलेश यादव और पल्लवी पटेल के बीच मुलाकात हुई थी. इस मुलाकात के बाद यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि दोनों नेताओं के बीच 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में बातचीत बन सकती है और पल्लवी पटेल फिर से इंडिया गठबंधन या समाजवादी पार्टी के साथ आ सकती हैं. 

राज्यसभा चुनाव में कैसे बिगड़ी थी बात?

पल्लवी पटेल और अखिलेश यादव के बीच खटास की शुरुआत 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई थी. समाजवादी पार्टी ने जया बच्चन, आलोक रंजन और रामजीलाल सुमन को अपना उम्मीदवार बनाया था. लेकिन पल्लवी पटेल ने यह कहते हुए जया बच्चन और आलोक रंजन को वोट देने से मना कर दिया कि ये लोग पीडीए समाज से नहीं आते हैं. उन्होंने केवल रामजीलाल सुमन को वोट देने का फैसला किया था. इसी दौरान अखिलेश यादव और पल्लवी पटेल के बीच फोन पर तीखी बातचीत हुई थी, जिसके बाद दोनों के रिश्ते टूट गए थे.

पीडीएम का प्रयोग रहा था विफल

समाजवादी पार्टी से अलग होने के बाद पल्लवी पटेल ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले असदुद्दीन ओवैसी के साथ मिलकर पीडीएम (पिछड़ा, दलित और मुसलमान) नाम का एक नया गठबंधन बनाया था. हालांकि, यह प्रयोग पूरी तरह से नाकामयाब रहा था, क्योंकि ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में चुनाव ही नहीं लड़ा था. 

एनडीए में जाने का रास्ता लगभग बंद

राजनीति की समझ रखने वाले लोगों का मानना है कि पल्लवी पटेल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन में शामिल नहीं होंगी. इसकी सबसे बड़ी वजह उनकी बहन और अपना दल (सोनेलाल) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल हैं. दोनों बहनों के बीच राजनीतिक और पारिवारिक रिश्ते बेहद खराब हैं. जब तक अनुप्रिया पटेल एनडीए का हिस्सा हैं, तब तक पल्लवी पटेल का एनडीए में शामिल होना संभव नहीं लगता है.

क्या फिर से सपा के साथ आएंगी पल्लवी?

पल्लवी पटेल के पास यूपी में केवल अखिलेश यादव एकमात्र विकल्प बचा हैं. अखिलेश यादव भी 2027 के विधानसभा चुनाव जीतने के लिए रूठे हुए नेताओं को वापस पार्टी में ला रहे हैं. हाल ही में दोनों नेताओं के बीच मुलाकात हुई थी, जिससे यह संकेत मिला है कि आने वाले चुनाव में पल्लवी पटेल को समाजवादी पार्टी के सिंबल पर फिर से चुनाव लड़ाया जा सकता है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पल्लवी पटेल फिर से सिराथू से चुनाव लड़ती हैं या फिर रोहनिया जैसी किसी अन्य सीट से अपनी किस्मत आजमाएंगी.

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