साल 2005-06 के बहुचर्चित और खौफनाक निठारी कांड के मुख्य आरोपी रहे और हाल ही में अदालतों से बरी होकर जेल से बाहर आए सुरेंद्र कोली ने अपनी जान दे दी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित कोतवाली के भूपतवाला क्षेत्र में एक खोखे से पुलिस को उसकी लाश मिली. पुलिस की जांच पड़ताल और मौके से मिली आईडी व फोटो के मिलान से इस बात की पुष्टि हुई है कि मृतक व्यक्ति निठारी कांड वाला ही सुरेंद्र कोली है.
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तीन दिन पहले ही शुरू की थी चाय की दुकान
हरिद्वार पुलिस को सुबह करीब 11:30 बजे घटना के संबंध में फोन पर सूचना मिली थी. इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की. पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि घटनास्थल से जो पहचान पत्र (आईडी) मिला है और जो फोटो मैच की गई है. वह सुरेंद्र कोली की ही है. पूछताछ में यह भी सामने आया है कि पिछले कुछ दिनों से वह इसी इलाके में रह रहा था और करीब तीन दिन पहले ही उसने वहां चाय का खोखा खोला था.
19 साल बाद जेल से हुआ था रिहा
उल्लेखनीय है कि 2005-06 में नोएडा के निठारी गांव में कई बच्चों और युवतियों के गायब होने के बाद मोनिंदर सिंह पंधेर की कोठी के पीछे नाले से कंकाल और मानव अवशेष मिले थे. इसके बाद पुलिस और सीबीआई ने पंधेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया था. कोली पर अपहरण, बलात्कार, हत्या और शव के टुकड़े करने जैसे संगीन आरोप लगे थे. ट्रायल कोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में उम्रकैद में बदल दिया गया था.
अक्टूबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सबूतों की कमी और जांच की खामियों का हवाला देते हुए उसे कई मामलों में बरी कर दिया था. इसके बाद 11 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम बचे मामले में कोली की सुधारात्मक याचिका मंजूर करते हुए उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया था.
जेल से निकलने के बाद हो गया था गायब
करीब 19 साल तक जेल में रहने के बाद जब सुरेंद्र कोली रिहा हुआ था, तब मीडिया ने उससे बात करने की कोशिश की थी, लेकिन उसने कुछ भी नहीं कहा था. इसके बाद वह अचानक गायब हो गया था. अब हरिद्वार से उसका शव मिलने से यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर चर्चा में आ गया है. फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है.
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