उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है. गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले अगले छह महीने में प्रदेश के एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है.
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गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 40 करोड़ रुपये की लागत वाली 119 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया.
इसी कार्यक्रम में भव्य कल्याण मंडपम् का भी उद्घाटन किया गया. इस दौरान उन्होंने युवाओं की सरकारी भर्ती से लेकर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दे पर अपनी बात रखी.
छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरियों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवाओं को बिना किसी भेदभाव के नौकरी मिलनी चाहिए. उन्होंने बताया कि बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किए जा चुके हैं और आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है.
सीएम योगी ने कहा, "हम अगले 6 महीने के अंदर, विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी यूपी में उपलब्ध करवाएंगे. सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है."
इसके बाद मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों की स्थिति का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों पर निशाना साधा.
उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सरकारी नौकरियों के विज्ञापन तो निकलते थे, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर सौदेबाजी और वसूली का बोलबाला था. उनका कहना था कि इसकी वजह से योग्य युवाओं को नौकरी नहीं मिल पाती थी और उनका भविष्य प्रभावित होता था.
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में विवाद और न्यायालय की ओर से लगने वाले स्टे के कारण युवाओं का समय और भविष्य दोनों प्रभावित होते थे. उन्होंने दावा किया कि उस समय कानून-व्यवस्था खराब होने के कारण विकास कार्य भी प्रभावित हुए और लोग काम करने से कतराते थे.
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार के पास विकास को लेकर कोई स्पष्ट विजन नहीं था और लूट-खसोट तथा अराजकता का माहौल बना हुआ था.
रामगढ़ ताल का जिक्र कर पिछली सरकारों पर निशाना
गोरखपुर के विकास और रामगढ़ ताल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले यहां गंदगी रहती थी और अपराध होता था. डर की वजह से लोग वहां जाने से भी कतराते थे.
उन्होंने कहा कि वास्तव में गंदगी और बीमारी गोरखपुर की नहीं थी, बल्कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की सरकारों की "गंदी मानसिकता" का दुष्परिणाम थी. सीएम ने आरोप लगाया कि इसी वजह से गोरखपुर आपराधिक गतिविधियों का केंद्र बन गया था.
कानून-व्यवस्था पर भी बोले सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की मौजूदा कानून-व्यवस्था का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब कर्फ्यू और दंगों से मुक्त है और प्रदेश में कानून का राज कायम है. सीएम योगी ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है.
उन्होंने कहा कि अब कोई अपराधी खुलेआम धमकी देने, अपहरण करने या व्यापारियों से फिरौती मांगने का दुस्साहस नहीं कर सकता. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर व्यक्ति को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है.
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