Swatantra Bhardwaj: जंतर मंतर पर हुए प्रोटेस्ट के दौरान मारपीट के एक मामले में चर्चा में आए इनफ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को जेल से बेल मिल गई है. बेल मिलने के बाद गुरुवार रात स्वतंत्र जेल से बाहर आया. हालांकि, बाहर निकलते ही मीडिया से दूरी बनाए रखी.
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स्वतंत्र भारद्वाज को बेल दो दिन पहले ही मिल गई थी, लेकिन बाकी कानूनी कार्रवाई और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने में समय लगा. इसके चलते गुरुवार रात करीब पौने दस बजे जेल से बाहर आने का मौका मिला, लेकिन जेल से बाहर निकलते ही उसने बिना रुके सीधे टैक्सी का रुख किया.
जेल से बाहर आते ही भागकर टैक्सी में बैठा
गुरुवार रात करीब 9:45 बजे स्वतंत्र भारद्वाज जेल से बाहर आया. बाहर निकलते ही स्वतंत्र तेजी से भागकर टैक्सी में जाकर बैठ गए. वहां मौजूद मीडिया से कोई बातचीत नहीं की और बिना बयान दिए सीधे वहां से रवाना हो गए.
क्या है जंतर-मंतर पर हुआ पूरा मामला?
स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़ा मामला 23 जून 2024 का है. उस दिन जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान दलित शिकायतकर्ता अपनी 14 साल की बेटी के साथ पहुंचे थे. इसी दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद हो गया. आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने बच्ची के पिता के साथ मारपीट की, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और कई टांके लगाने पड़े.
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. बाद में इस केस में SC/ST एक्ट और POCSO एक्ट जैसी धाराएं भी जोड़ी गईं. इसके बाद मामला और गंभीर हो गया और स्वतंत्र भारद्वाज पर कानूनी कार्रवाई का सिलसिला आगे बढ़ा.
वायरल वीडियो के बाद फिर चर्चा में आया मामला
इसके बाद एक पॉडकास्ट के दौरान का स्वतंत्र भारद्वाज का वीडियो वायरल हुआ. इसमें वह कथित तौर पर जंतर-मंतर की घटना का जिक्र करते हुए कहता नजर आया, "मैंने एक बच्ची के पिता का सिर फाड़ दिया था."
वीडियो में वह आगे नेताओं का जिक्र करते हुए कहता है, "बड़े-बड़े नेताओं के 'बड़े भाई' होने के कारण मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सका और मुझे जेल नहीं जाना पड़ा." इन बयानों के सामने आने के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया.
वीडियो वायरल होने के बाद राहुल गांधी और चंद्रशेखर आजाद समेत विपक्षी नेताओं ने पुलिस और सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की और स्वतंत्र भारद्वाज को जेल भेजा गया.
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