2019 में पति की मौत, गर्भवती थी महिला..., 6 साल बाद बेटी संग ससुराल पहुंची, तो सास ने जो कहा वो सबको चौंका देगा!

अजय झा

• 01:10 PM • 19 Sep 2026

झांसी में पति की मौत के बाद एक महिला और उसकी बेटी के सामने रहने और भरण-पोषण का संकट खड़ा होने का मामला सामने आया है. न्याय की मांग लेकर महिला अपनी मासूम बेटी के साथ ससुराल पहुंची और घर के बाहर बैठ गई.

Jhansi Family Property Dispute News

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Jhansi Family Property Dispute News: झांसी में पति की मौत के बाद एक महिला और उसकी बेटी के सामने रहने और भरण-पोषण का संकट खड़ा होने का मामला सामने आया है. न्याय की मांग लेकर महिला अपनी मासूम बेटी के साथ ससुराल पहुंची और घर के बाहर बैठ गई. महिला का आरोप है कि पति की मौत के कुछ समय बाद ही उसे बेटी समेत ससुराल से निकाल दिया गया था. इसके बाद करीब पांच-छह साल तक वह मायके में मजदूरी कर बेटी का पालन-पोषण करती रही. मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत के बाद पुलिस महिला को लेकर ससुराल पहुंची, लेकिन वहां भी विवाद नहीं सुलझा. महिला के मुताबिक पुलिस की मौजूदगी में उसकी सास ने उसे घर में रखने से इनकार कर दिया.

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पति की मौत के वक्त गर्भवती थी महिला

मामला झांसी के मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के परवारीपुरा मोहल्ले का बताया जा रहा है. ग्राम भंडरा निवासी नेहा की शादी परवारीपुरा के रहने वाले वासुदेव प्रजापति से हुई थी. नेहा के अनुसार साल 2019 में उसके पति की मौत हो गई थी. उस समय वह गर्भवती थी. महिला का दावा है कि पति की मौत के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने उसे घर से बाहर कर दिया. इसके बाद उसे अपनी बेटी के साथ मायके जाना पड़ा. महिला का कहना है कि पति की मौत के बाद उसके और उसकी बेटी के सामने रहने और जीवन चलाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी.

मजदूरी कर बेटी की परवरिश का दावा

नेहा का कहना है कि ससुराल से बाहर किए जाने के बाद उसने मायके में रहकर मेहनत-मजदूरी शुरू कर दी. पिछले करीब पांच-छह वर्षों से वह मजदूरी करके अपनी बेटी का पालन-पोषण कर रही है. महिला का आरोप है कि उसे ससुराल में रहने की जगह नहीं दी गई. इसके साथ ही पति के नाम से जुड़ी संपत्ति और दूसरे अधिकारों से भी उसे वंचित रखा गया. नेहा के मुताबिक इतने वर्षों में उसने कई बार अधिकारियों से अपनी समस्या बताई, लेकिन उसे स्थायी राहत नहीं मिल सकी. महिला का कहना है कि उसकी बेटी की जिम्मेदारी भी उसी के ऊपर रही है.

CM से शिकायत के बाद पुलिस पहुंची ससुराल

लगातार परेशानी के बाद नेहा ने मुख्यमंत्री समेत जिला और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया. उसने अपनी और अपनी बेटी की स्थिति बताते हुए मामले में न्याय की मांग की. शिकायत के बाद थाने की पुलिस महिला को लेकर उसके ससुराल पहुंची. नेहा को उम्मीद थी कि पुलिस की मौजूदगी में उसे घर में प्रवेश मिल जाएगा और लंबे समय से चला आ रहा विवाद खत्म हो जाएगा. लेकिन ससुराल पहुंचने के बाद मामला फिर उलझ गया. महिला के अनुसार पुलिस के सामने भी उसकी सास ने उसे घर में रखने से साफ इनकार कर दिया.

ताले नहीं खुले तो दरवाजे पर बैठ गई महिला

नेहा के आरोप के मुताबिक ससुराल पहुंचने के बाद घर के कमरों के ताले तक नहीं खोले गए. इसके बाद वह अपनी बेटी के साथ घर के दरवाजे पर ही बैठ गई. महिला ने अपने पति के घर में रहने और अपने अधिकारों की मांग की. उसका कहना है कि सालों से वह मायके में रहकर किसी तरह बेटी को पाल रही है और अब वह अपने और अपनी बेटी के वैधानिक अधिकारों को लेकर ससुराल पहुंची है. महिला के मुताबिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद उसे घर के अंदर रहने की अनुमति नहीं मिली.

LIC की रकम को लेकर भी लगाए आरोप

नेहा ने विवाद के बीच अपने पति के नाम रही एलआईसी पॉलिसी का मुद्दा भी उठाया है. महिला का आरोप है कि पॉलिसी की रकम कथित तौर पर गलत रिपोर्ट के जरिए निकाल ली गई. उसने प्रशासन से इस मामले की भी जांच कराने की मांग की है. महिला का कहना है कि यदि उसके पति के नाम कोई बीमा राशि, संपत्ति या अन्य आर्थिक अधिकार थे तो उसमें उसके और उसकी बेटी के अधिकारों की भी जांच होनी चाहिए. उसने संबंधित दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने की मांग की है.

सास ने क्या कहा?

दूसरी ओर ससुराल पक्ष ने नेहा के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है. वासुदेव की मां अंगूरी बाई ने कहा कि उनकी बहू अपनी बच्ची के साथ अपने हक की मांग को लेकर घर आई है. अंगूरी बाई के मुताबिक 'मेरे बेटे वासुदेव की मौत फांसी लगाने से हुई थी.' उन्होंने कहा मैं अपनी बहू को घर में रखने के लिए तैयार नहीं हूं. मेरे पास खुद जीवन-यापन के पर्याप्त साधन नहीं हैं और ऐसी स्थिति में मैं बहू और नातिन की जिम्मेदारी उठाने की स्थिति में नहीं हूं.' अंगूरी बाई ने बहू की ओर से लगाए गए कुछ अन्य आरोपों को भी गलत बताया. उनका कहना है कि उन पर बच्ची को गोद लेने समेत अन्य आरोप लगाए गए हैं, लेकिन वह इन आरोपों से सहमत नहीं हैं.

आरोपों के बाद शुरु हुई जांच

फिलहाल इस मामले में एक तरफ नेहा अपने पति की मौत के बाद खुद और अपनी बेटी के अधिकारों के लिए संघर्ष करने की बात कह रही है, वहीं दूसरी तरफ ससुराल पक्ष उसे घर में रखने से इनकार कर रहा है. महिला ने धमकियां दिए जाने का भी आरोप लगाया है, जबकि ससुराल पक्ष उसके आरोपों को गलत बता रहा है. पुलिस दोनों पक्षों की शिकायत और बयानों के आधार पर मामले की जानकारी जुटा रही है. पति की मौत, संपत्ति, एलआईसी की रकम और महिला-बेटी के वैधानिक अधिकारों से जुड़े मामलों की वास्तविक स्थिति दस्तावेजों और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.