परवेज को डीलिंग के बहाने बुलाकर कार में मार डाला..., झांसी में ड्रग सप्लायर हत्याकांड में पुलिस ने किया बड़ा खुलासा ; सिपाही समेत 8 गिरफ्तार

प्रमोद कुमार गौतम

19 Sep 2026 (अपडेटेड: 19 Sep 2026, 09:25 AM)

झांसी में ड्रग सप्लायर परवेज की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने इस केस में एक सिपाही समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, परवेज को ड्रग्स की डीलिंग के बहाने बुलाया गया था.

Jhansi Parvez Murder Case

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Jhansi Parvez Murder Case: झांसी में ड्रग सप्लायर परवेज की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने इस केस में एक सिपाही समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, परवेज को ड्रग्स की डीलिंग के बहाने बुलाया गया था. इसके बाद उसे कार में बैठाकर बंधक बनाया गया और कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई. गंभीर चोट लगने के बाद उसकी मौत हो गई. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल तीन लग्जरी कारें और 7 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं.

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हादसा नहीं, चोटों ने खोला मौत का राज

मामला झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के विजयनगर का है. यहां रहने वाला 21 साल का परवेज 13 सितंबर को गंभीर हालत में मिला था. उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. शुरुआती तौर पर मामला हादसे का लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच की दिशा बदल दी. रिपोर्ट में परवेज के शरीर पर चोट के निशान मिले. इसके बाद मृतक के पिता आसान उर्फ एहसान की शिकायत पर 16 सितंबर को अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया.

पांच महिला अधिकारियों की टीम ने शुरू की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए पांच महिला अधिकारियों की टीम बनाई. इसमें एसपी सिटी प्रीति सिंह, एएसपी सिमरन सिंह, एएसपी अरीबा नोमान, सीओ क्राइम प्रिया सिंह और सीओ असमा वकार शामिल थीं. पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनाक्रम और आरोपियों से जुड़े सुरागों को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक परवेज ड्रग्स की सप्लाई से जुड़ा हुआ था.

जम्मू-कश्मीर में भी दर्ज था केस

पुलिस के मुताबिक, परवेज के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में भी पहले से मामला दर्ज था. जांच में सामने आया कि वह ड्रग्स की डीलिंग के सिलसिले में साहिल नाम के व्यक्ति के संपर्क में आया था. पुलिस ने इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए परवेज के संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटाई. इसके बाद घटना से जुड़े संदिग्धों तक पुलिस पहुंची और पूछताछ शुरू की गई.

परवेज को ड्रग्स का सैंपल लेकर बुलाया गया था

एसएसपी विकास कुमार के मुताबिक, परवेज को ड्रग्स का सैंपल लेकर बुलाया गया था. पुलिस के अनुसार, वह सुकुवां-ढुकवां कॉलोनी में अपने दोस्तों के साथ मौजूद था. यहीं से वह एक कार में बैठा. पुलिस का कहना है कि उस कार के साथ दो और कारें भी चल रही थीं. इस पूरे घटनाक्रम में करीब 11 लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है. पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम में हर व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रही है.

कार में बनाया जा रहा था ड्रग्स का वीडियो

पुलिस के मुताबिक, परवेज को कार में बैठाने के बाद उसके पास मौजूद ड्रग्स का वीडियो बनाने की कोशिश की गई. इसी दौरान उसे पुलिस से पकड़वाने की धमकी दी जाने लगी. पुलिस का कहना है कि इसी बात को लेकर परवेज और वहां मौजूद लोगों के बीच विवाद शुरू हुआ. मामला बढ़ने के बाद उसके साथ कार के अंदर मारपीट की गई.

भूपेंद्र और शनि पर मारपीट का आरोप

एसएसपी विकास कुमार के अनुसार, जिस कार में परवेज बैठा था, उसमें भूपेंद्र वंशकार और शनि नामदेव ने उसके साथ मारपीट की. पुलिस के मुताबिक, वहां मौजूद लोगों ने दोनों को रोकने की कोशिश भी की, लेकिन वे नहीं माने. इसके बाद विवाद और बढ़ गया. पुलिस की जांच में सामने आया है कि मारपीट के दौरान परवेज और आरोपियों के बीच हाथापाई भी हुई.

एक-दूसरे को काटने की भी बात सामने आई

पुलिस ने बताया कि हाथापाई के दौरान परवेज और आरोपियों के एक-दूसरे को दांत से काटने की बात भी सामने आई है. इसके बाद जब परवेज कार से नीचे उतरने लगा तो वह खुद को संभाल नहीं पाया और गिर गया. गिरने के दौरान उसके सिर में गंभीर चोट लगी. पुलिस के मुताबिक इसके बाद आरोपी उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद परवेज को मृत घोषित कर दिया.

पुलिस को गुमराह करने की कोशिश?

पुलिस का कहना है कि घटना के बाद आरोपियों ने मामले को अलग दिशा देने की कोशिश की. उन्होंने घायल परवेज के बारे में पुलिस को सूचना दी और उसे इलाज के लिए अस्पताल भी लेकर गए. शुरुआती तौर पर घटना हादसे जैसी दिखाई दे रही थी. हालांकि पोस्टमार्टम में शरीर पर चोटों के निशान मिलने के बाद पुलिस को मामला संदिग्ध लगा. इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और पुलिस ने घटनाक्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू की.

संगठन की आड़ में वसूली का भी आरोप

जांच के दौरान पुलिस के सामने एक और गंभीर जानकारी आई. एसएसपी विकास कुमार के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में प्रयांश और साहिल आपस में दोस्त हैं. पुलिस का आरोप है कि दोनों अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर एक संगठन चलाते हैं. पुलिस के अनुसार, इस संगठन की आड़ में ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाता था और फिर उन्हें पकड़कर उनसे पैसे की वसूली की जाती थी. परवेज को भी इसी कथित नेटवर्क के जरिए निशाना बनाए जाने की बात जांच में सामने आई है. हालांकि पुलिस इस कथित वसूली नेटवर्क से जुड़े आरोपों की अभी जांच कर रही है.

सिपाही समेत 8 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में प्रयांश, जय श्रीवास्तव, साहिल मिश्रा, भूपेंद्र वंशकार, यश शिवहरे, अर्शिल खान, शनि नामदेव और सिपाही आशीष सिंह को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और जांच के दौरान सिपाही आशीष सिंह की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया. इस मामले में पुलिस करीब 11 लोगों के घटनाक्रम में शामिल होने की बात कह रही है, जबकि अभी 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है.

तीन लग्जरी कार और 7 मोबाइल बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई तीन लग्जरी कारें बरामद की हैं. इसके अलावा 7 मोबाइल फोन भी पुलिस के कब्जे में लिए गए हैं. एसएसपी विकास कुमार के मुताबिक, मामले की जांच में सिपाही की भूमिका सामने आने के बाद उसे भी गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. फिलहाल पुलिस इस मामले में कथित वसूली नेटवर्क और घटनाक्रम में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.