कभी नहीं खाया था राजेश्वरी त्रिपाठी ने नॉनवेज! राजधानी ट्रेन में उन्हें सर्व किया गया चिकन, तबीयत बिगड़ी पर नहीं मिली मदद

Jhansi News: राजधानी एक्सप्रेस में कैटरिंग की बड़ी लापरवाही. शाकाहारी महिला यात्री को परोसा गया चिकन, खाना खाते ही बिगड़ी तबीयत. झांसी स्टेशन पर मदद न मिलने का आरोप, IRCTC ने शुरू की जांच.

Rajeshwari Tripathi

अजय झा

12 Mar 2026 (अपडेटेड: 12 Mar 2026, 03:51 PM)

follow google news

देश की प्रतिष्ठित ट्रेनों में से एक राजधानी एक्सप्रेस में कैटरिंग की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है. आरोप है कि दिल्ली से मुंबई जा रही एक महिला यात्री को शाकाहारी भोजन की जगह चिकन परोस दिया गया. कुछ निवाले खाने के बाद जब महिला को इसका पता चला तो उनकी तबीयत बिगड़ गई और उल्टियां होने लगीं. आरोप यह भी है कि झांसी जंक्शन पर शिकायत के बावजूद रेलवे कर्मचारियों ने मामले को हल्के में लिया. इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने कार्रवाई की मांग की है. 

यह भी पढ़ें...

56 साल की राजेश्वरी त्रिपाठी संग क्या-क्या हुआ, यहां जानें

जानकारी मिली है कि मुंबई की रहने वाली 56 साल की राजेश्वरी त्रिपाठी दिल्ली से राजधानी एक्सप्रेस के जरिए अपने घर लौट रही थीं.  उनके बेटे शिवम ने टिकट बुक करते समय ही भोजन के लिए शाकाहारी विकल्प का चयन किया था. वह दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार हुईं और उन्हें थर्ड एसी के बी-1 कोच में 17 नंबर की बर्थ आवंटित की गई थी. 

रात के समय कैटरिंग स्टाफ द्वारा डिनर परोसा गया. राजेश्वरी त्रिपाठी ने सामान्य रूप से भोजन करना शुरू किया और कुछ कौर खा लिए. इसी दौरान उन्हें खाने के स्वाद और बनावट को लेकर शक हुआ. उन्होंने आसपास बैठे यात्रियों को भोजन दिखाया तो पता चला कि उन्हें सब्जी की जगह चिकन परोस दिया गया है. 

राजेश्वरी त्रिपाठी की तबीयत बिगड़ी पर किसी ने नहीं की मदद 

यह जानकारी मिलते ही वह घबरा गईं और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. उन्हें उल्टियां आने लगीं और घबराहट महसूस होने लगी.  उन्होंने तुरंत दिल्ली में मौजूद अपने बेटे शिवम को फोन कर घटना की जानकारी दी. बेटे ने रेलवे की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराते हुए ट्रेन में मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की. 

ट्रेन जब झांसी जंक्शन पहुंची तो रेलवे के कुछ कर्मचारी कोच में पहुंचे. लेकिन परिवार का आरोप है कि उन्होंने मामले को गंभीरता से नहीं लिया. पीड़ित पक्ष का कहना है कि कर्मचारियों ने इसे साधारण घटना बताते हुए केवल नींबू पानी पीने की सलाह दी और बिना किसी चिकित्सा सहायता के वहां से चले गए.

राजेश्वरी त्रिपाठी के बेटे ने ये बताया

राजेश्वरी त्रिपाठी के बेटे शिवम का कहना है कि उनकी मां की तबीयत लगातार खराब होती रही और पूरी रात उन्हें कई बार उल्टियां हुईं. इसके बावजूद ट्रेन में मौजूद स्टाफ ने कोई ठोस मदद नहीं की. उन्होंने यह भी बताया कि ट्रेन में चढ़ाने के समय कैटरिंग स्टाफ को विशेष रूप से बताया गया था कि उनकी मां को केवल शाकाहारी भोजन ही दिया जाए, फिर भी इतनी बड़ी चूक हो गई. 

सुबह मुंबई पहुंचने के बाद भी राजेश्वरी त्रिपाठी बेहद परेशान और थकी हुई महसूस कर रही थीं. उन्होंने घर पहुंचकर धार्मिक आस्था के चलते उपवास रखा और शुद्धिकरण के लिए धार्मिक अनुष्ठान किया. इस घटना को लेकर परिवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. शिकायत के बाद आईआरसीटीसी ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है.  अधिकारियों के अनुसार जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार कैटरिंग स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.

ये भी पढ़ें: झांसी में 524 गैस सिलेंडरों से भरा ट्रक ही हो गया चोरी! इस केस के खुलासे ने सबको चौंका दिया