Bulandshahr triple murder Case: बुलंदशहर में हुए सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर केस के मुख्य आरोपी जीतू सैनी की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद इलाके में सन्नाटा पसरा है. एक ओर पुलिस इसे बड़ी कामयाबी मान रही है तो वहीं दूसरी ओर मृतक आरोपी के घर में मातम के साथ-साथ पुलिसिया कार्रवाई के प्रति आक्रोश भी है. यूपी Tak की टीम ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर जीतू सैनी के परिवार का पक्ष जानने की कोशिश की जहां परिजनों ने सीधे तौर पर इस एनकाउंटर को कटघरे में खड़ा किया है.
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जीतू सैनी के घर के बाहर का मंजर बेहद गमगीन है. एक ओर बिलखती पत्नी और व्हीलचेयर पर बैठी बेबस मां का बुरा हाल है तो दूसरी ओर पुरुष सदस्य अस्थि विसर्जन के लिए गंगा घाट गए हुए हैं. हालांकि परिवार कैमरे पर ज्यादा कुछ बोलने को तैयार नहीं है. लेकिन ऑफ-कैमरा उन्होंने पुलिस और सिस्टम पर बड़े सवाल दागे हैं. परिवार का कहना है कि अगर जीतू पर आरोप थे तो उसे अदालत से सजा मिलनी चाहिए थी. परिजनों के मुताबिक, इस तरह सरेआम एनकाउंटर कर देना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है.
केक के विवाद ने ली थी तीन जानें
इस पूरे खूनी खेल की शुरुआत 25 अप्रैल की रात को हुई थी. जीतू सैनी के जन्मदिन की पार्टी एक जिम में चल रही थी. जानकारी के मुताबिक, मजाक में एक दोस्त अमरदीप ने जीतू के चेहरे पर केक लगा दिया. बस इसी बात से भड़के जीतू ने आपा खो दिया और पिस्टल निकालकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस गोलीकांड में बीजेपी पार्षद के भाई मनीष सैनी, भतीजे आकाश और चचेरे भाई अमरदीप की मौत हो गई थी.
खुरजा में हुई खूनी मुठभेड़
30 अप्रैल की सुबह पुलिस और 50,000 के इनामी बदमाश जीतू सैनी के बीच खुरजा इलाके में मुठभेड़ हुई. पुलिस का दावा है कि जीतू ने टीम पर फायरिंग की, जिसमें दो सिपाही भी घायल हुए. जवाबी कार्रवाई में जीतू को गोली लगी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस मामले में पहले भी तीन अन्य आरोपियों को पुलिस एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर चुकी थी.
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