लुबना-अजरा और अर्शी खातून इन 3 पत्नियों के साथ मिलकर इल्हाम शम्सी ने ऐसे उड़ा डाले अकाउंट से 8 करोड़

Pilibhit DIOS Office Scam: पीलीभीत के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में करोड़ों रुपये के सरकारी गबन का बड़ा मामला सामने आया है. यहां चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम शम्सी उर्फ रहमान पर आरोप है कि उसने अपनी तीन पत्नियों, साली, सास, सलहज और महिला मित्रों के खातों में सरकारी खजाने से करीब 8 करोड़ 15 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए.

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सौरभ पांडेय

02 May 2026 (अपडेटेड: 02 May 2026, 01:27 PM)

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UP Fraud Case: पीलीभीत के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में करोड़ों रुपये के सरकारी गबन का बड़ा मामला सामने आया है. यहां चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम शम्सी उर्फ रहमान पर आरोप है कि उसने अपनी तीन पत्नियों, साली, सास, सलहज और महिला मित्रों के खातों में सरकारी खजाने से करीब 8 करोड़ 15 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने फर्जी बेनिफिशियरी आईडी और ट्रेजरी टोकन जनरेशन के जरिए इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया. इस मामले में अब तक 53 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की गई है, जिनमें से 5 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की रकम फ्रीज कराई जा चुकी है.

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7 महिलाओं की गिरफ्तारी से खुला नेटवर्क

पुलिस ने इस मामले में अब तक 7 महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जिनमें आरोपी की दो पत्नियां लुबना और अजरा खान, साली फातिमा, सलहज आफिया, सास नाहिद और दो महिला मित्र परवीन खातून व आशकारा परवीन शामिल हैं. इससे पहले आरोपी की एक अन्य पत्नी अर्शी खातून को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जो वर्तमान में जमानत पर बाहर है.

बैंक अलर्ट से सामने आया घोटाला

इस पूरे घोटाले का खुलासा 14 फरवरी को हुआ, जब बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर ने वेतन खातों में गड़बड़ी की सूचना दी. इसके बाद डीआईओएस राजीव कुमार की शिकायत पर कोतवाली में इल्हाम शम्सी और उसकी पत्नी अर्शी खातून के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. जांच में कई खातों में फर्जी तरीके से रकम ट्रांसफर होने की पुष्टि हुई. मामले को लेकर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि 2018 से चल रहे इस नेटवर्क की जानकारी विभागीय अधिकारियों और तत्कालीन DIOS को कैसे नहीं लगी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है.

साल 2018 से चल रहा था पूरा नेटवर्क

पुलिस के अनुसार आरोपी ने साल 2018 से इस पूरे नेटवर्क को चलाया और सरकारी वेतन मद से निकाली गई रकम को अपने करीबी लोगों के खातों में भेजकर जमीन और अन्य संपत्तियों में निवेश किया. अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जो भी अधिकारी या कर्मचारी इसमें शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं एसपी सुकीर्ति माधव की तैनाती के बाद जांच तेज हुई, जिसके बाद इस बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ.