पति गणेश त्रिपाठी की असली हत्यारन निकली पत्नी, प्रेमी और दोस्त संग मिलकर रची थी ये खौफनाक साजिश

Lakhimpur News: लखीमपुर खीरी जिले में 16 अप्रैल को हुई गणेश त्रिपाठी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. जांच में सामने आया कि इस वारदात की साजिश खुद मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके एक साथी के साथ मिलकर रची थी.

Lakhimpur Murder Case

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अभिषेक वर्मा

30 Apr 2026 (अपडेटेड: 30 Apr 2026, 05:30 PM)

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Lakhimpur News: लखीमपुर खीरी जिले में 16 अप्रैल को हुई गणेश त्रिपाठी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. जांच में सामने आया कि इस वारदात की साजिश खुद मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके एक साथी के साथ मिलकर रची थी. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और अन्य सबूतों के आधार पर अब इस सुनियोजित हत्या का खुलासा हुआ है.

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लंबे समय से लगातार संपर्क में थे आरोपी

पुलिस के मुताबिक, घटना के दिन तीनों आरोपी लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे. वारदात को अंजाम देने के लिए रास्ते में गणेश त्रिपाठी को रोका गया और 315 बोर के तमंचे से गोली मार दी गई. इसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तमंचा, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की है.


पुलिस को मृतक की पत्नी पर शक था

यह घटना 16 अप्रैल की शाम की है, जब नीमचेनी गांव निवासी गणेश त्रिपाठी घर से तेल लेने के लिए निकले थे. परिवार को उन्होंने कहा था कि वह जल्द लौट आएंगे, लेकिन वापस आते समय रास्ते में उनकी हत्या कर दी गई. शुरुआत में यह मामला एक सामान्य आपराधिक घटना जैसा लग रहा था, क्योंकि मौके पर न कोई चश्मदीद था और न ही हमलावरों का कोई सुराग मिल पाया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तीन टीमों का गठन किया गया, जिनमें स्वाट और सर्विलांस टीम भी शामिल थी. जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों ने अहम भूमिका निभाई और कॉल डिटेल्स के जरिए संदिग्धों तक पहुंच बनाई गई. इसी कड़ी में पुलिस को मृतक की पत्नी की भूमिका पर शक हुआ जो आगे चलकर सही साबित हुआ. बता दें पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर अपने पति गणेश त्रिपाठी को मारने की साजिश रची थी.

जेल में हुई थी दोनों के बीच दोस्ती

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पुरुषोत्तम और प्रवेश की मुलाकात पहले जेल में हुई थी. पुरुषोत्तम एक डबल मर्डर केस में जेल जा चुका था, जबकि प्रवेश दहेज हत्या के मामले में बंद रहा था. जेल से बाहर आने के बाद दोनों के बीच संपर्क बना रहा और बाद में इसी संबंध के जरिए इस हत्या की साजिश को अंजाम दिया गया.