13 साल के संदीप बंसल का हत्यारा EX मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक की पूरी खौफनाक कहानी ही आ गई सामने

Saleem Wastik Crime Story: यूट्यूब पर एक्टिविस्ट बनकर मशहूर हुआ सलीम वास्तिक असल में 1995 के अपहरण और हत्याकांड का भगोड़ा मुजरिम सलीम खान निकला. 30 साल तक पहचान बदलकर कानून को चकमा देने वाले इस कातिल को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

Saleem Wastik

गौरव कुमार पांडेय

25 Apr 2026 (अपडेटेड: 25 Apr 2026, 04:09 PM)

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Saleem Wastik Crime Story: क्या एक मासूम बच्चे की जान लेने वाला कातिल 30 सालों तक कानून की नजरों से बचकर एक सोशल एक्टिविस्ट और यूट्यूबर की जिंदगी जी सकता है? दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे ही सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है जिसने सबको दंग कर दिया है. मशहूर यूट्यूबर सलीम वास्तिक जिसे लोग एक एक्टिविस्ट के तौर पर जानते थे असल में 1995 के एक खौफनाक अपहरण और हत्याकांड का भगोड़ा मुजरिम सलीम खान निकला.

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क्या था 1995 का वो खौफनाक कांड?

ये मामला साल 1995 के 20 जनवरी का है. दिल्ली के रामजस स्कूल (दरियागंज) में पढ़ने वाला 13 साल का मासूम संदीप बंसल स्कूल गया लेकिन फिर कभी घर नहीं लौटा. अगले दिन बच्चे के पिता को एक फिरौती की कॉल आई जिसमें संदीप को छोड़ने के बदले 30000 रुपये मांगे गए. संदीप के पिता ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और गोकुलपुरी थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया.

जांच के दौरान, पुलिस की शक की सुई स्कूल के ही मार्शल आर्ट्स इंस्ट्रक्टर सलीम खान पर घूमी जिसे छात्र 'मास्टर जी' कहकर बुलाते थे. कड़ाई से पूछताछ करने पर सलीम खान ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस को मुस्तफाबाद के उस नाले तक ले गया जहां उसने संदीप की हत्या कर शव फेंक दिया था. इस साजिश में उसका साथी अनिल भी शामिल था जिसने फिरौती की कॉल की थी.

सजा, जमानत और लंबी फरारी

1997 में कोर्ट ने सलीम खान और अनिल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. लेकिन साल 2000 में दिल्ली हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत सलीम की जिंदगी का 'टर्निंग पॉइंट' बनी. जमानत पर बाहर आते ही वह फरार हो गया और कभी वापस नहीं लौटा. अगले 25 सालों तक वह अपनी पहचान बदलकर सलीम खान से सलीम अहमद और अंत में सलीम वास्तिक बनकर यूपी और हरियाणा में छिपता रहा.

कैसे हुआ खुलासा?

सलीम का राज तब खुला जब 27 फरवरी 2026 को उस पर हुए एक जानलेवा चाकू हमले के बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच सतर्क हो गई. पुलिस ने पुष्टि की कि यह एक्टिविस्ट सलीम वास्तिक ही 1995 का भगोड़ा कातिल सलीम खान है. 24 मार्च 2026 को पुलिस ने गाजियाबाद के लोनी स्थित उसके घर से उसे धर दबोचा.

पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपनी पहचान छुपाने के लिए गाजियाबाद में महिलाओं के कपड़ों की दुकान भी खोली थी. लेकिन आखिरकार कानून के लंबे हाथों ने उसे उसके अंजाम तक पहुंचा ही दिया.