29 अप्रैल को निशा विश्वकर्मा के परिजनों से मिलने जाएंगे अखिलेश यादव, इससे पहले ही पिता सियाराम ने ये सब कह दिया

Nisha Case Update: गाजीपुर के कटरिया गांव में निशा विश्वकर्मा केस में पिता सियाराम ने राजनीतिक दलों से हाथ जोड़कर अपील की है कि उनकी बेटी की मौत पर सियासी रोटियां न सेकें.

Siyaram Vishwakarma

आशीष श्रीवास्तव

25 Apr 2026 (अपडेटेड: 25 Apr 2026, 03:21 PM)

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Nisha Case Update: गाजीपुर के कटरिया गांव में हुई निशा विश्वकर्मा की मौत का मामला लगाातार सुर्खियों में बना हुआ है. इस गमगीन माहौल के बीच जब सियासी दलों का जमावड़ा बढ़ने लगा तो मृतका के पिता सियाराम विश्वकर्मा ने मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी है. निशा के पिता सियाराम ने हाथ जोड़कर सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि उनके घर आकर अपनी राजनीति न चमकाएं.  पिता का साफ कहना है कि उन्हें प्रशासन और कानून पर पूरा भरोसा है. बता दें कि सियाराम का बयान एक ऐसे समय पर आया है जब 29 अप्रैल को सपा मुखिया अखिलेश यादव के कटरिया गांव जाने की चर्चा जोरों पर है.

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पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हैं पिता सियाराम

सियाराम विश्वकर्मा ने मीडिया के सामने आकर ये साफ किया कि वे गाजीपुर पुलिस और प्रशासन की अब तक की कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट हैं. उन्होंने कहा कि 'हमने जिस पर आरोप लगाया था पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. हमने डीएम और एसपी से भी मुलाकात की है. हमें आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने का आश्वासन मिला है.'

'नहीं चाहिए सियासी दखलंदाजी'

कटरिया गांव में लगातार आ रहे राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों पर नाराजगी जाहिर करते हुए सियाराम ने कहा कि 'हमारी बेटी मरी है, हम गहरे सदमे में हैं. ऐसे में ये नेता हमारे दरवाजे पर आकर आपस में लड़ें या हंगामा करें यह कतई बर्दाश्त नहीं है. मेरी बेटी की मौत को लेकर कोई अपनी सियासी रोटी न सेकें.' 

इस दौरान सियाराम शर्मा ने इमोशनल होते हुए कहा कि 'हमें किसी राजनीतिक दल की मदद की जरूरत नहीं है. पुलिस और प्रशासन हमारी सहायता कर रहे हैं. एसडीएम और कप्तान साहब ने भरोसा दिलाया है कि वे आरोपी को फांसी के फंदे तक पहुंचाएंगे. हम हाथ जोड़कर अपील करते हैं कि हमें हमारे हाल पर छोड़ दिया जाए.'

क्या है मामला?

गाजीपुर के कटरिया गांव की निशा विश्वकर्मा की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया था जिसमें हरिओम पांडे मुख्य आरोपी है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. हालांकि घटना के बाद से ही इलाके में बढ़ी राजनीतिक सक्रियता ने परिजनों की परेशानी बढ़ा दी है.