Nisha Murder Case Update: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में निशा हत्याकांड का मामला अब पूरी तरह से सियासी रंग ले चुका है. बुधवार को जब इस मामले में पीड़ित परिवार से मिलने के लिए समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल कटारिया गांव पहुंचा तो वहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई. ग्रामीणों ने सपा नेताओं को गांव में घुसने से रोक दिया.इस दौरान ग्रामीणों और सपा नेताओं के बीच तनाव इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच जमकर ईंट-पत्थर चल गए. इस झड़प में कई ग्रामीण सपा कार्यकर्ता और पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं.
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क्या है पूरा मामला?
करण्डा थाना क्षेत्र के कटारिया गांव में निशा की संदिग्ध मौत के बाद से ही क्षेत्र में तनाव का माहौल है. पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह यादव के नेतृत्व में जंगीपुर विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव और सदर विधायक जै किशन साहू समेत एक डेलिगेशन पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा था. हालांकि गांव के बाहर ही ग्रामीणों ने डेलिगेशन को रोक दिया और उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी.
धरने के दौरान बिगड़े हालात
ग्रामीणों के विरोध के बाद सपा विधायक और कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए. प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पीड़ित परिवार को धरना स्थल पर बुलाकर सपा नेताओं से मुलाकात करवाई. इसी दौरान अचानक भगदड़ मच गई और माहौल अशांत हो गया जिसके बाद पथराव शुरू हो गया. इस झड़प में ग्रामीणों के साथ-साथ सपा नेता और पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. बताया जा रहा है कि शहर कोतवाल और करण्डा थानाध्यक्ष सहित कई पुलिसकर्मी इस पत्थरबाजी में चोटिल हो गए हैं.
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
सपा प्रवक्ता शौर्या सिंह ने प्रशासन पर सहयोग न करने का आरोप लगाया है. वहीं घटना के बाद पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और आला अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं ताकि शांति व्यवस्था बहाल की जा सके. फिलहाल इस घटना के बाद निशा हत्याकांड का मामला और अधिक गरमा गया है.
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